रांची में SIR के खिलाफ सामाजिक संगठनों का प्रदर्शन : वोटर लिस्ट से नाम हटाने का लगाया आरोप
झारखंड में हो रहे SIR के विरोध में रांची में कई सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया.

Published : June 28, 2026 at 5:49 PM IST
रांची: झारखंड जन अधिकार महासभा, यूनाइटेड मिली फोरम, साझा कदम समेत कई सामाजिक संगठनों ने राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान प्रदर्शनकारी हाथों में SIR विरोधी बैनर और पोस्टर लेकर सरकार की इस प्रक्रिया के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करते नजर आए.
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों के मतदान अधिकार पर असर पड़ रहा है. उनका कहना है कि छोटी-छोटी तकनीकी या दस्तावेजी खामियों के आधार पर भी लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है.
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, और अब झारखंड में भी इसी तरह की प्रक्रिया शुरू होने की आशंका जताई जा रही है. इसी को लेकर विभिन्न संगठनों ने मिलकर जागरूकता अभियान और विरोध प्रदर्शन शुरू किया है.

प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी तरह की मनमानी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर नागरिक का वोट सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है, और इसे सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है. विरोध प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि SIR के नाम पर अगर बिना सही जांच के नाम काटे गए तो इसका सीधा असर गरीब, मजदूर और हाशिए पर रहने वाले लोगों पर पड़ेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार लोग जरूरी दस्तावेज समय पर प्रस्तुत नहीं कर पाते, जिसके कारण उनका नाम सूची से हटा दिया जाता है.

इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता रिया तूलिका ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि जन अधिकारों की रक्षा के लिए है. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में सुधार जरूरी है, लेकिन यह प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि किसी भी योग्य नागरिक का नाम न छूटे. रिया तूलिका ने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रक्रिया में खामियों के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस प्रक्रिया में सुधार नहीं किया गया और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. उन्होंने मांग की कि सरकार इस विषय पर तुरंत संज्ञान ले और सभी हितधारकों के साथ चर्चा कर समाधान निकाले.
अल्बर्ट एक्का चौक पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए माहौल गर्म रहा, हालांकि पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही. प्रदर्शन के बाद सभी संगठनों ने संयुक्त रूप से आगे भी जन जागरूकता अभियान जारी रखने की घोषणा की.
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