शेरशाह सूरी मकबरा तालाब में मरीं 8 से 10 क्विंटल मछलियां, 4 से 5 लाख का नुकसान
शेरशाह सूरी मकबरा स्थित तालाब में कई क्विंटल मछलियां मर गईं. चौथी बार ऐसी घटना हुई है. रिपोर्ट- रवि कुमार

Published : August 21, 2026 at 2:42 PM IST
सासाराम: रोहतास जिला मुख्यालय सासाराम में ऐतिहासिक शेरशाह सूरी के मकबरा परिसर स्थित तालाब में भारी संख्या में मछलियों की मौत हो गई है. तालाब में एक साथ बड़ी संख्या में मछलियों के मरने से जहां मछली पालने वाले संवेदक को लाखों रुपये के नुकसान का दावा किया जा रहा है, वहीं तालाब के दूषित पानी को लेकर मकबरा घूमने आने वाले पर्यटकों की परेशानी भी बढ़ गई है.
शेरशाह सूरी मकबरा तालाब में मछलियां मरीं: मकबरा परिसर के तालाब में पिछले कुछ दिनों से बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में पानी के ऊपर तैरती दिखाई दे रही हैं. मछलियों की मौत के बाद तालाब के आसपास दुर्गंध भी फैलने लगी है. इससे पर्यटकों और आसपास मौजूद लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
8 से 10 क्विंटल मछलियां मर गईं: तालाब में मछली पालन का काम करने वाले संवेदक दीना चौधरी ने बताया कि इस बार करीब 8 से 10 क्विंटल मछलियां मर गई हैं. उन्होंने मरी हुई मछलियों की कीमत लगभग 4 से 5 लाख रुपये बताई है. उनका कहना है कि यह पहली बार नहीं है, जब मकबरा के तालाब में इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हुई है. पिछले करीब छह महीने पहले भी बड़ी संख्या में मछलियां मर गई थीं.
संवेदक का आरोप: दीना चौधरी ने बताया कि बीते एक साल में तीन से चार बार तालाब में मछलियों के मरने की घटना हो चुकी है. बार-बार मछलियों की मौत होने से मछली पालन करने वाले लोगों को लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. मछुआरा संवेदक का कहना है कि तालाब में पहले पानी की निकासी और साफ पानी के आने की व्यवस्था थी. नहर के माध्यम से तालाब में साफ पानी पहुंचता था, जबकि तालाब का गंदा पानी बाहर निकल जाता था लेकिन पिछले कई वर्षों से यह सिस्टम पूरी तरह ठप पड़ा है.

"पानी के लिए दरखास्त दिए थे लेकिन पानी नहीं आया. चार-पांच बार मछली मर चुकी है. फिर से गंदा पानी के कारण फिर से मछली मर गई. चार से पांच की मछली मर गई है. सिंचाई विभाग को भी आवेदन दिए हैं लेकिन पानी नहीं छोड़ा जा रहा है."- दीना चौधरी, संवेदक
क्यों हो रही मछली की मौत?: ऐसे में तालाब में लगातार गंदा पानी जमा हो रहा है. पानी की निकासी नहीं होने के कारण तालाब का पानी दूषित होता जा रहा है. इसी दूषित पानी में मछलियों के रहने से उनकी मौत की आशंका जताई जा रही है. संवेदक का कहना है कि अगर पानी के आने और गंदे पानी की निकासी की पुरानी व्यवस्था को फिर से चालू कर दिया जाए तो इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है.
क्या बोले जानकार?: वहीं, इस मामले में आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के सहायक संरक्षक अमृत झा ने फोन पर बताया कि पानी फिल्टर नहीं होने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है. उन्होंने कहा, 'तालाब के पानी की समुचित सफाई और फिल्ट्रेशन नहीं होने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, जिसका सीधा असर तालाब में मौजूद मछलियों पर पड़ रहा है.'
दुर्गंध से पर्यटक परेशान: शेरशाह सूरी का मकबरा सासाराम की ऐतिहासिक पहचान होने के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र है. ऐसे में मकबरा परिसर के तालाब में बार-बार मछलियों के मरने और पानी दूषित होने की समस्या गंभीर सवाल खड़े कर रही है. पर्यटकों का कहना है कि ऐतिहासिक स्थल पर साफ-सफाई और पर्यावरण व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए. तालाब में बड़ी संख्या में मछलियों के मरने के बाद पानी से आने वाली दुर्गंध और गंदगी के कारण यहां आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है.
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