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धनबाद के विकास पर सियासी धरना, नए उद्योग और वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्रों पर जोर

धनबाद के समग्र विकास को लेकर आयोजित महाधरना में कई राजनेता शामिल हुए.

PROTEST FOR DHANBAD DEVELOPMENT
महाधरने पर बैठे राजनेता (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : July 22, 2026 at 6:12 PM IST

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धनबाद: जिले में समग्र विकास को लेकर शहर में महाधरना आयोजित किया गया. निरसा विधायक अरूप चटर्जी और कई सामाजिक संगठनों के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, धनबाद मेयर संजीव सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. धरने के दौरान नई रेल सेवाएं, एयरपोर्ट, एम्स की तर्ज पर सुपरस्पेशलिटी अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर और औद्योगिक विकास जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया.

धनबाद में कोयला आधारित अर्थव्यवस्था

जमशेदपुर विधायक सरयू राय ने कहा कि धनबाद पिछले 150-200 सालों में कई विकास के अवसर गंवा चुका है और अब उन खोए हुए अवसरों की भरपाई का समय है. उन्होंने कहा कि पहले कोयला ही ऊर्जा का प्रमुख स्रोत था लेकिन अब ऊर्जा के कई नए विकल्प सामने आ चुके हैं. ऐसे में धनबाद को कोयला आधारित अर्थव्यवस्था से आगे बढ़कर नए उद्योगों और वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्रों को भी अपनाना होगा. उन्होंने कोलकाता बंदरगाह के बेहतर उपयोग और पूर्वी एशियाई देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि इससे इस पूरे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी.

धनबाद के विकास के लिए धरने पर बैठे नेताओं के बयान (Etv Bharat)

बिना योजना के शहर का विकास संभव नहीं

मेयर संजीव सिंह ने कहा कि किसी भी शहर का विकास बिना ठोस योजना के संभव नहीं है. उन्होंने सुझाव दिया कि बीसीसीएल, रेलवे, जिला प्रशासन और सभी जनप्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक बुलाकर धनबाद के विकास का रोडमैप तैयार किया जाए. उन्होंने कहा कि, जो नीतियां जिले के विकास में बाधा बन रही हैं, उन्हें बदलने की दिशा में सामूहिक पहल होनी चाहिए.

Mayor Sanjeev Singh during sit in protest
धरने के दौरान महापौर संजीव सिंह (Etv Bharat)

व्यक्ति विशेष पर निर्भर नहीं है आंदोलन: अरूप चटर्जी

वहीं निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि सात विधायकों ने कार्यक्रम में आने की सहमति दी थी लेकिन कुछ जनप्रतिनिधि पूर्व निर्धारित व्यस्तताओं के कारण शामिल नहीं हो सके हैं. बीजेपी विधायक और सांसदों की अनुपस्थिति पर उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष पर निर्भर नहीं है. उन्होंने बताया, कि 'कोई आए या नहीं आए, कारवां चल पड़ा है'.

सांसद ढुल्लू महतो के शामिल नहीं होने के सवाल पर विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि उनकी मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए दूसरे सांसदों से भी सहयोग लिया जाएगा.

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