हजारीबाग में हाथियों का कहर जारी, दो दिनों के अंदर दो लोगों की मौत, माइकिंग के जरिए लोगों को किया जा रहा सावधान
हजारीबाग में हाथियों का कहर जारी है, जहां गजराज ने पिछले दो दिनों में दो लोगों को मौत के घाट उतार दिया.

Published : January 10, 2026 at 10:09 AM IST
|Updated : January 10, 2026 at 12:59 PM IST
हजारीबागः ग्रामीण इलाकों में हाथियों का आतंक देखने को मिल रहा है. पिछले दो दिनों में दो ग्रामीणों को हाथियों ने कुचल कर मार डाला है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग माइकिंग के जरिए लोगों को सावधान कर रहा है कि वह रात के समय घर से बाहर न निकलें. हो सके तो घर के आसपास पक्के मकान में रहें.
हाथी ने दो लोगों को मार डाला
हजारीबाग में हाथियों ने दो दिनों में दो लोगों की जान ले ली है. शुक्रवार को एक हाथी ने एक किसान की जान ले ली. घटना कटकमदाग प्रखंड क्षेत्र के बनहा गांव की है. जहां अहले सुबह मोहल्ला तालाब के पास हाथी ने किसान गणेश गोप को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया. ग्रामीणों के अनुसार, सुबह घना कोहरा था और गणेश गोप तालाब के पास गए हुए थे, तभी अचानक जंगली हाथी वहां पहुंच गया और हमला कर दिया. गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई. घटना के बाद गांव में भय और दहशत का माहौल है.
वहीं गुरुवार को जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत चुटीयारो गांव में भी हाथी का आतंक देखने को मिला. जहां हाथी ने गांव के रहने वाले किसान आदित्य राणा की बेरहमी से कुचलकर हत्या कर दी. उनकी पत्नी शांति देवी भी इस हमले में गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिनका इलाज SBMCH हजारीबाग में चल रहा है. मृतक के परिजनों ने बताया कि महुआ टांड़ में किसान के द्वारा टमाटर की फसल लगाई गई थी. फसलों की देखभाल के लिए आदित्य राणा अपनी पत्नी के साथ खेत में प्लास्टिक के एक अस्थायी शेल्टर में रह रहे थे. देर रात हाथी पहुंचा और फसल को बर्बाद करते हुए दंपती पर हमला कर दिया, जिससे आदित्य राणा की मौके पर ही मौत हो गई.
वन क्षेत्र पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार चौधरी ने लोगों को हाथियों से दूर रहने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि जंगली हाथी को कभी भी छेड़े नहीं. विभाग कोशिश कर रहा है कि अगर हाथी गांव में आ जाए तो उसे उसके प्रवास क्षेत्र की ओर किसी तरह भेज दिया जाए.
सत्येंद्र कुमार चौधरी नें कहा कि अगर हाथी गांव में आ जाए तो दूर से ही मशाल जलाकर उसे भगाया जा सकता है. हाथी के नजदीक जाना मौत को बुलाने के बराबर है. उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों को तत्काल राहत के लिए कुछ पैसे उपलब्ध कराए जाते हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सरकार के जो नियम हैं उसके अनुसार भुगतान कर दिया जाता है.
वन विभाग ने लोगों को किया सावधान
स्थिति को देखते हुए वन विभाग बड़कागांव वन प्रक्षेप के सीमावर्ती इलाकों में ग्रामीणों को माइकिंग के जरिए सावधान कर रहा है. वन विभाग का कहना है कि घर से बाहर रात के समय न निकले. सुबह जब कुहासा साफ हो जाए तभी बाहर निकलें. घर के अगल-बगल अगर पक्का मकान है तो उसकी छत पर ही रात गुजारें. वन विभाग का कहना है कि हाथी जंगली क्षेत्र में प्रवास कर रहा है. उसे दूर करने के लिए प्रयास भी किया जा रहा है. हाथी से दूरी बनाए रखें और वन विभाग की मदद भी करें.
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल एप्लीकेशन एप 'हमारा हाथी २.०' डाउनलोड कर लें. इस एप के जरिए आप हाथियों की सटीक लोकेशन जान सकते हैं. आप खुद भी हाथियों से जुड़ी जानकारी विभाग को भेज सकते हैं.
मोबाइल एप की खासियत
- अगर आपके पास यह ऐप है और आप हाथी के 500 मीटर के दायरे में जाते हैं, तो आपका फोन अपने आप बजने लगेगा.
- यह अलर्ट आपको हाथी की मौजूदगी के प्रति पहले ही सावधान कर देगा.
- समय रहते आप हाथी से दूरी बना सकते हैं.
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