उधम सिंह नगर में कई परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, दर्दनाक हादसे और संदिग्ध मौतों से माहौल गमगीन
उधम सिंह नगर जिले में हुई कई दर्दनाक घटनाओं ने क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : April 24, 2026 at 7:47 PM IST
रुद्रपुर: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में अलग-अलग स्थानों पर हुई सड़क दुर्घटनाओं और संदिग्ध मौतों की घटनाओं ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है. इन घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई, जिससे उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. प्रशासन ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है.
उधम सिंह नगर जिले में हुई कई दर्दनाक घटनाओं ने क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है. अलग-अलग स्थानों पर हुई सड़क दुर्घटनाओं और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है.
पहली घटना में ग्राम मुकरंदपुर निवासी 55 वर्षीय शंकर मंडल की सड़क हादसे में मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, शंकर मंडल अपनी ठेली लेकर घर लौट रहे थे, तभी महतोष मोड़ जिसे स्थानीय लोग 'डेथ जोन' के नाम से जानते हैं, पर एक अज्ञात वाहन ने उन्हें कुचल दिया. हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई. शंकर मंडल अपने पीछे चार बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनके सामने अब जीविका का संकट खड़ा हो गया है.
दूसरी घटना लालपुर क्षेत्र की है, जहां टुकटुक चालक संजय बैरागी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि संजय बैरागी किच्छा से बाइक पर अपने घर लौट रहे थे, तभी एक डग्गामार बस ने उन्हें टक्कर मार दी. इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
संजय के तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है. इन दोनों घटनाओं को लेकर समाजसेवी सुशील गाबा ने गहरी चिंता जताई है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि दोषी वाहन चालकों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके.
इसी क्रम में किच्छा के सिरौंली निवासी 20 वर्षीय आरिस की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. बताया जा रहा है कि आरिस का विवाह करीब छह वर्ष पहले हुआ था. उनकी अचानक मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है.
इसके अलावा शक्तिफार्म निवासी 45 वर्षीय मनोज विश्वकर्मा ने भी आत्महत्या कर ली. वहीं, 27 वर्षीय सूरज हीरा भी अपने घर से कुछ दूरी पर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए. इन दोनों मामलों में पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है.
इतना ही नहीं, तीन दिन पहले मिले एक अज्ञात शव का भी पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसकी पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है. इन सभी घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए एसपी क्राइम जितेंद्र चौधरी ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में जांच जारी है. वहीं अन्य मामलों में परिजनों की ओर से तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने प्रशासन और समाज दोनों के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जरूरत है कि सड़क सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया जाए, ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.
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