RTE के तहत रांची में 641 बच्चों का चयन, ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया संपन्न
शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत रांची में कई बच्चों का निजी स्कूलों के लिए चयन हुआ है.

Published : May 19, 2026 at 11:50 PM IST
रांचीः शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा दिलाने की दिशा में रांची जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की है.
वर्ष 2026-27 सत्र के लिए निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कर ली गई. इस प्रक्रिया के माध्यम से जिले के 89 निजी विद्यालयों में कुल 641 बच्चों का चयन किया गया.
यह पूरी प्रक्रिया रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ आयोजित की गई. ऑनलाइन लॉटरी का आयोजन अनुमंडल पदाधिकारी, रांची की अध्यक्षता में किया गया. चयन प्रक्रिया के दौरान पांच निजी विद्यालयों के प्राचार्य, पांच अभिभावक और मीडिया प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, ताकि प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे.
निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(ब) के तहत मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की प्रवेश कक्षा में 25 प्रतिशत सीटें अभिवंचित समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की जाती हैं. इसी प्रावधान के तहत इस वर्ष नामांकन प्रक्रिया संचालित की गई.
जिला प्रशासन के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए RTE के तहत कुल 1499 आवेदन प्राप्त हुए थे. आवेदनों की जांच और सत्यापन के बाद 1036 आवेदनों को लॉटरी प्रक्रिया के लिए योग्य पाया गया. जिले के 117 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में उपलब्ध 1158 सीटों पर नामांकन के लिए चयन प्रक्रिया चलाई गई.
ऑनलाइन लॉटरी के जरिए चयनित 641 बच्चे अब संबंधित निजी विद्यालयों में बिना किसी शुल्क के नामांकन प्राप्त कर सकेंगे. साथ ही उन्हें कक्षा आठवीं तक पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी. जिला प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ सकें.
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया कि पूरी प्रक्रिया तकनीकी रूप से सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो. चयन प्रक्रिया के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सहायक जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी समेत शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे.
जिला प्रशासन ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. प्रशासन समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की पहल से कमजोर वर्ग के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा और शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक समानता को भी मजबूती मिलेगी.
इसे भी पढ़ें- निजी स्कूलों ने दिखाया शिक्षा के अधिकार कानून को ठेंगा, नाराज जिला प्रशासन ने कार्रवाई की दी चेतावनी
इसे भी पढ़ें- रांची में शनिवार को RTE को लेकर अहम बैठक, सभी निजी स्कूलों के प्राचार्य होंगे हाजिर
इसे भी पढ़ें- RTE के तहत रिक्त सीटों पर नामांकन की तिथि बढ़ी, अब 20 सितंबर तक कर सकेंगे आवेदन

