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हापुड़ में गौशाला में सात गोवंशों की मौत; कांपने और सांस लेने में परेशानी, कई का उपचार जारी

पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल ने बताया कि सूचना मिलने के बाद चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची.

गोवंश का उपचार जारी
गोवंश का उपचार जारी (Photo credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 30, 2026 at 9:08 PM IST

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हापुड़ : पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के सिखेड़ा रोड स्थित गौशाला में रविवार दोपहर कई गोवंशों की हालत अचानक बिगड़ गई. बीमारी की चपेट में आने से सात गोवंश की मौत हो गई, जबकि अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है. घटना के बाद गौशाला में मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई. सूचना मिलने पर बीमार गोवंश के उपचार के लिए चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची.

स्थानीय लोगों ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे अचानक गोवंश कांपने लगे और उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी. हालत बिगड़ने पर तत्काल पशु चिकित्सा विभाग को सूचना दी गई. चिकित्सकों ने जांच के दौरान नाइट्राइट प्वाइजनिंग जैसे लक्षण पाए. प्रारंभिक तौर पर चारे में मौजूद जहरीले तत्व को बीमारी का कारण माना जा रहा है.

बीमार गोवंश को एंटीडोट दिया गया, साथ ही ग्लूकोज चढ़ाकर उपचार किया जा रहा है. गौशाला में मौजूद अन्य गोवंश पर भी चिकित्सकों की नजर है. जिन गोवंश में बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, उनका तत्काल उपचार किया जा रहा है. तीन गंभीर गोवंश को विशेष निगरानी में रखा गया है. चिकित्सक लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजपाल ने बताया कि सूचना मिलने के बाद चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची. देखा गया कि कुछ गोवंशों को सांस लेने में परेशानी थी और वह कांप रहीं थीं. गोवंशों में नाइट्राइट प्वाइजनिंग जैसे लक्षण मिले हैं. चारे के कारण ऐसी स्थिति बनने की आशंका है. गोवंशों को एंटीडोट दिया गया है और ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है. उपचार लगातार जारी है. उन्होंने बताया कि सात गोवंशों की मौत हुई है.


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