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सीतापुर में 100 करोड़ की जीएसटी चोरी करने वाले सात गिरफ्तार, 70 फर्जी फर्म बनाए थे, 37 मोबाइल बरामद

8 जनवरी 2026 को पीड़ित ने थाना खैराबाद में मुकदमा दर्ज कराया था. केस होने पर ठग फरार होने की फिराक में थे.

पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार.
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार. (Photo Credit; Sitapur Police)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 9, 2026 at 10:16 PM IST

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सीतापुर : खैराबाद पुलिस एवं स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) टीम ने शुक्रवार को 100 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 80 लाख रुपए नकद ,पांच लैपटॉप, 37 मोबाइल फोन, 80 सिम कार्ड, 37 एटीएम कार्ड समेत कई दस्तावेज और उपकरण बरामद किए गए हैं.

ठगों के पास से 39 स्टैंप, 18 बिल बुक, 10 पैन कार्ड, 57 चेक बुक, 10 बैंक पासबुक, 9 डिजिटल सिग्नेचर यूएसबी डिवाइस, दो हार्ड डिस्क, 135 विभिन्न बैंकों की चेक, भिन्न-भिन्न फार्मो के 651 बिल, में टैक्स इनवॉइस ई वे बिल तथा एक फाइल में किरायानामा नोटरी में, एक चेक, आधार कार्ड ,पैन कार्ड की छाया पत्ती, दो चार पहिया वाहन कlर भी बरामद हुआ है.

पुलिस अधीक्षक अंकुर अग्रवाल ने बताया, क्षेत्राधिकारी अपराध विनायक भोसले के नेतृत्व में संयुक्त पुलिस टीम ने मो. आसिफ पुत्र मो. यामीन व मो. अम्मार पुत्र मो. अकरम निवासीगण जहांगीराबाद थाना सदरपुर, अनवारुल हक पुत्र जलीस अहमद निवासी मोहल्ला शाहकुलीपुर थाना लहरपुर, उजैर पुत्र मोईनुद्दीन निवासी 130/507 बाकरगंज थाना बाबूपुरवा जनपद कानपुर, अब्दुल नासिर पुत्र अब्दुल रऊफ निवासी मोहल्ला महाराजागंज थाना बिसवां, जीशान पुत्र आलम निवासी मोहल्ला मजाशाह थाना लहरपुर व मो. आरिफ पुत्र मो. इदरीश निवासी मोहल्ला थवई टोला थाना बिसवां को ग्राम असोथर के पास से गिरफ्तार किया गया है.

एसपी ने बताया, अभियुक्त लकड़ी व्यापार के माफिया हैं. एक संगठित गिरोह बनाकर सीधे लोगों को सरकारी योजनाओं से मुनाफे का लालच देकर उनके कागज व नकदी लेते थे. उन्हीं के नाम की कई फर्जी फर्म बनाकर जीएसटी चोरी करते हुए सरकार को करोड़ों की आर्थिक क्षति पहुंचा रहे थे. अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि लगभग 60-70 फर्जी व बोगस फर्म की जानकारी हुई है. इनके द्वारा लगातार जीएसटी चोरी की जा रही थी.

पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वह लोग अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर कम पढ़े लिखे लोगों को रुपयों का लालच देकर व सरकारी योजनाओं का लाभ बताकर झांसे में लेते थे. उनके कागज, आधार कार्ड के माध्यम से आवश्यक पैन कार्ड व जरुरत के प्रपत्र बनवाते. उनके नाम पर बैंकों में खाता खुलवाते. फर्जी लकड़ी के व्यापार को दिखाकर फर्माें के नाम से जीएसटी तथा फर्जी बिल बनाकर पैसे लेते.

एसपी ने बताया, 8 जनवरी 2026 को एक पीड़ित द्वारा थाना खैराबाद में मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद अभियुक्त अपने उपकरण व नकदी लेकर फरार होने की फिराक में थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

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