सिवनी पुलिस पर हवालाकांड के शिकायकर्ता को बंधक बनाने का आरोप, हाईकोर्ट ने दिया 24 घंटे में पेश करने का आदेश
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सिवनी हवालाकांड के शिकायतकर्ता को बंधक बनाने के मामले में हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर. चीफ जस्टिस की युगलपीठ मामले को लेकर गंभीर.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : October 15, 2025 at 11:21 AM IST
|Updated : October 15, 2025 at 11:47 AM IST
जबलपुर: सिवनी पुलिस पर हवाला लूटकांड के शिकायतकर्ता को बंधक बनाकर रखे जाने का आरोप लगा है. शिकायतकर्ता को पूछताछ के बाद भी रिहा नहीं करने पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने न्यायालय से रिमांड प्राप्त किये बिना शिकायतकर्ता को पुलिस कस्टडी में रखे जाने को गंभीरता से लिया है. युगलपीठ ने सिवनी पुलिस को 24 घंटे में शिकायतकर्ता को हाईकोर्ट के सामने पेश करने के निर्देश दिए हैं. याचिका पर बुधवार 15 अक्टूबर को सुनवाई निर्धारित की गई है.
जमानत पर छूटने के बाद पुलिस ने फिर पकड़ा
सिवनी पुलिस पर हवाला के 3 करोड़ रुपए लूटने के आरोप लगे हैं. हवाला की राशि का ले जाने वाले सोहनलाल की शिकायत पर ही सिवनी हवाला कांड का मामला उजागर हुआ था. इसके बाद सिवनी पुलिस ने 10 अक्टूबर को सोहनलाल को गिरफ्तार कर लिया. 12 अक्टूबर को सोहनलाल को जमानत पर छोड़ दिया गया था. जमानत पर छूटने के बाद सोहनलाल महाराष्ट्र के जालना स्थित अपने घर आ गया था. उसी रात जालना पुलिस ने उसे फिर से गिरफ्तार कर सिवनी पुलिस को सौंप दिया था.
हाईकोर्ट में हैबियस कॉरपस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) पिटीशन दायर
सोहनलाल की पत्नी याचिकाकर्ता जालना निवासी गंगाबाई परमार की तरफ से हाईकोर्ट में हैबियस कॉरपस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) पिटीशन दायर की गई थी. इस याचिका में आरोप लगाते हुए कहा गया है कि उसके पति सोहनलाल परमार को सिवनी पुलिस अवैध रूप से बंधकर बनाकर रखे हुए है. उसके पति सोहनलाल की शिकायत पर ही सिवनी हवाला कांड का मामला उजागर हुआ था. जमानत पर छूटने के बाद उसी रात जालना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सिवनी पुलिस को सौंप दिया था. तभी से उसके पति सिवनी पुलिस की हिरासत में हैं
'याचिकाकर्ता के पति की नहीं ली गई ट्रांजिट रिमांड'
याचिकाकर्ता की तरफ से पैरवी करते हुए एडवोकेट श्रेयस दुबे ने दलील दी कि "याचिकाकर्ता के पति की ट्रांजिट रिमांड नहीं ली गई और न ही उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया." याचिका की सुनवाई के दौरान शासन की तरफ से बताया गया कि गवाही के लिए उसे रोका गया था. पूर्व में सोहनलाल को जमानत पर छोड़ दिया गया है.
24 घंटे में पेश करने के आदेश
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने न्यायालय से रिमांड प्राप्त किये बिना शिकायतकर्ता को पुलिस कस्टडी में रखे जाने को गंभीरता से लिया है. युगलपीठ ने सिवनी पुलिस को 24 घंटे में शिकायतकर्ता को हाईकोर्ट के सामने पेश करने के निर्देश दिए हैं.
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क्या है सिवनी हवालाकांड मामला
सिवनी पुलिस पर हवाला के बरामद किए गए लगभग 3 करोड़ रुपए आपस में बांटने का आरोप लगा है. ये मामला सिवनी के बंडोल थाना क्षेत्र का है. जानकारी के अनुसार 8 अक्टूबर को महाराष्ट्र के जालना का रहने वाला सोहनलाल परमार अपने कुछ साथियों के साथ कटनी से 3 करोड़ रुपए के लगभग कार से ले जा रहा था. कथित तौर पर ये हवाला की रकम थी.
8 अक्टूबर को ही रात में करीब 1 से 2 बजे के बीच सिवनी क्षेत्र में कार को रोका गया. बताया जा रहा है कि कार को पास के जंगल में ले जाकर पुलिस ने कार सवारों से पूछताछ की और कथित तौर पर रकम जब्त कर उन्हें मारपीट कर वहां से भगा दिया. मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने बताया था कि चेकिंग के दौरान एक कार से 1 करोड़ 45 लाख रुपए जब्त किए गए हैं. इसके बाद पुलिस विभाग ने 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

