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स्क्रैप पार्ट्स से बना दी महादेव की प्रतिमा, सिवनी में इस तरह दे रहे कंड़-कंड़ में शंकर का संदेश

अष्टधातु स्क्रैप से तैयार हुई भगवान शिव की अद्भुत प्रतिमा, देखने उमड़ रहे श्रद्धालु, बालमुकुंद ठाकुर की रिपोर्ट

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स्क्रैप पार्ट्स से बना दी महादेव की प्रतिमा (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 21, 2026 at 3:00 PM IST

3 Min Read
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सिवनी : मध्य प्रदेश के सिवनी में प्रतिभाशाली कलाकारों ने स्क्रैप पार्ट्स से महादेव की प्रतिमा बनाकर कंड़-कंड़ में शंकर का संदेश दिया है. अपनी अनूठी कला और लगन का परिचय देते हुए कलाकारों ने अष्टधातु के स्क्रैप पार्ट्स व मशीनों के पुर्जों से भगवान शिव की एक अत्यंत विशाल, भव्य और मनमोहक प्रतिमा तैयार की है. लगभग 5 क्विंटल वजनी इस आकर्षक प्रतिमा को आकार देने में 12 से 15 कलाकारों की संयुक्त टीम को करीब तीन महीने का लंबा समय लगा.

कई धातुओं के पार्ट्स से बनी है प्रतिमा

इस अद्भुत प्रतिमा के निर्माण के लिए कलाकारों ने लोहे, स्टील, चांदी, पीतल, तांबा सहित अन्य धातुओं खराब हो चुके पुर्जों का उपयोग किया है. कलाकारों ने अपनी अटूट मेहनत और हुनर के दम पर कबाड़ की इन सामग्रियों को एकत्रित कर भगवान शिव के का अनोखा स्वरूप दिखाया कि शिव हर कंड़ में व्याप्त हैं और निराकार और साकार दोनों हैं. निर्मित की गई इस अनूठी शिव प्रतिमा को नगर के ऐतिहासिक मठ मंदिर परिसर में स्थापित किया गया है.

सिवनी में इस तरह दे रहे कंड़-कंड़ में शंकर का संदेश (Etv Bharat)

सनातनी परंपरा, भारतीय कला और स्क्रैप आर्ट का अनोखा संगम

स्थानीय कलाकार विक्की कश्यप बताते हैं, '' हर साल सावन में भगवान शिव को अलग-अलग रूपों में दिखाने का प्रयास किया जाता है. इस बार इस प्रतिमा को कई तरह के धातुओं के कलपुर्जों से बनाया गया है. प्रतिमा में सबसे ज्यादा इस्तेमाल लोहा और स्टील की कतरन का किया गया है. अलग-अलग स्क्रैप वस्तुओं को जोड़कर भगवान शिव का अनोखा स्वरूप तैयार किया गया है. प्रतिमा के माथे पर सोने और चांदी का तिलक लगाया गया है. हाथ के स्वरूप में जस्ता और रांगा का इस्तेमाल किया गया है. वहीं भगवान शिव की जटाओं में तांबे और पीतल के लोटे व अन्य पात्र लगाए गए हैं.''

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कलाकरों ने बताया कि इस प्रतिमा को बनाने में लगभग ढाई से तीन महीने का समय लगा. सबसे ज्यादा मेहनत अलग-अलग धातुओं और स्क्रैप के टुकड़ों को सही आकार में जोड़ने में लगी. लोहा और स्टील के कई टुकड़े स्थानीय दुकानदारों की ओर से सहयोग के रूप में भी उपलब्ध कराए गए.

प्रतिमा का वजन लगभग चार से पांच क्विंटल

कलाकार विक्की कश्यप बताते हैं कि हर साल भगवान शिव की प्रतिमा का अलग स्वरूप तैयार करने की कोशिश की जाती है. इसी सोच के साथ इस बार भी ऐसी वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया, जिससे सनातनी परंपरा के साथ-साथ भारतीय कला और आधुनिक स्क्रैप आर्ट का खूबसूरत मेल दिखाई दे. इस प्रतिमा का वजन 4 से 5 क्विंटल के बीच है.