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दुर्गम क्षेत्र गोगुंडा में सुकमा जिला प्रशासन की दस्तक, नए साल में भरोसे और विकास की नई शुरुआत

नए वर्ष के पहले दिन सुदूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र गोगुंडा में प्रशासनिक टीम पहुंची. जहां गांव में ही बुनियादी सुविधाएं लाने के निर्देश दिए गए.

New beginning of trust and development
दुर्गम क्षेत्र गोगुंडा में प्रशासन की संवेदनशील दस्तक (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : January 1, 2026 at 3:43 PM IST

4 Min Read
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सुकमा : नए वर्ष के पहले ही दिन शासन के संकल्प को जमीन पर उतारने की कोशिश शुरु हो गई है. सुकमा जिला प्रशासन की टीम धुर नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्र के ग्राम गोगुंडा में पहुंची. कलेक्टर और एसपी दल बल के साथ गोगुंडा पहुंचे और ग्रामीण क्षेत्रों का निरीक्षण किया. सुबह साढ़े 7 बजे कलेक्टर अमित कुमार के नेतृत्व में कलेक्टर-एसपी की संयुक्त टीम घने जंगल, कठिन रास्तों और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों को पार कर गोगुंडा आई. कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण सहित प्रशासनिक अमला भी मौजूद था .



गोगुंडा में ही मिलेगा राशन, नहीं करनी पड़ेगी लंबी दूरी तय

ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी राहत की घोषणा ये रही कि अब गोगुंडा में ही राशन का भंडारण और वितरण किया जाएगा. इसके लिए पीडीएस भवन की स्वीकृति भी दे दी गई है. नए वर्ष से ही गांव में राशन वितरण शुरू होगा, जिससे ग्रामीणों को अब बड़ेसेट्टी तक की कठिन यात्रा नहीं करनी पड़ेगी. साथ ही ई-केवाईसी, राशन कार्ड में नाम जोड़ने और लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए.

New beginning of trust and development
भरोसे और विकास की नई शुरुआत (ETV BHARAT CHHATTISGARH)



पानी, सड़क, बिजली और आवास को मिली प्राथमिकता

कलेक्टर ने पेयजल, सड़क, बिजली और आवास जैसी मूलभूत सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए. मुलेर से गोगुंडा मार्ग को चिन्हांकित कर शीघ्र सुधार कार्य सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए, ताकि आवागमन आसान हो और प्रशासनिक सेवाएं निर्बाध रूप से गांव तक पहुंच सकें. महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आजीविका के अवसर सृजित करने पर भी जोर दिया गया.



स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, पीड़ितों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण

ग्रामीणों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित जांच, स्वास्थ्य शिविर और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए गए. इस दौरान कलेक्टर ने आईडी ब्लास्ट से प्रभावित पीड़ित से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी और उन्हें कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए. यह कदम प्रशासन की मानवीय संवेदनशीलता को दर्शाता है.

Administrative officer discussing with villagers
IED ब्लास्ट प्रभावित को सहायता देने के निर्देश (ETV BHARAT CHHATTISGARH)



विकास कार्यों को मिली मंजूरी, आजीविका पर भी फोकस

गोगुंडा में स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन, स्कूल भवन, आंगनबाड़ी, आवास स्वीकृतियां और मोहल्ला-पारा संपर्क मार्ग जैसे महत्वपूर्ण विकास कार्यों को स्वीकृति दी गई. पशुपालकों को सशक्त बनाने के लिए पशुशेड प्रकरण तैयार कर पात्र हितग्राहियों को लाभ देने के निर्देश भी दिए गए.



शत-प्रतिशत सेचुरेशन का लक्ष्य
कलेक्टर अमित कुमार ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोगुंडा क्षेत्र में शासन की सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित किया जाए. इसके लिए नियमित निरीक्षण, सतत निगरानी और संवेदनशील दृष्टिकोण से कार्य करने पर बल दिया गया. इस अवसर पर जिला सीईओ मुकुंद ठाकुर, डीएफओ अक्षय भोंसले सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे. गोगुंडा का यह दौरा केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि सुदूर अंचलों में भरोसे और विकास की मजबूत नींव के रूप में देखा जा रहा है, जहां शासन खुद चलकर जनता के बीच पहुंचा और नए वर्ष में नई उम्मीद जगा गया.

SP Collector  visit to Gogunda
एसपी कलेक्टर का गोगुंडा में दौरा (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

सुदूर इलाकों तक राहत पहुंचाना शासन की मंशा

ग्रामीणों के बीच पहुंचकर अधिकारियों ने न सिर्फ उनकी समस्याएं सुनीं, बल्कि मौके पर ही कई ठोस निर्णय लेकर यह संदेश दिया कि अब विकास फाइलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांवों तक पहुंचेगा.

दुर्गम क्षेत्र गोगुंडा में प्रशासन की संवेदनशील दस्तक (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

शासन की मंशा है कि दूरस्थ अंचलों के ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ गांव में ही मिले. इसके लिए प्रशासन पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य करेगा- अमित कुमार ,कलेक्टर





नक्सलियों का अभेद्य किला था गोगुंडा

आपको बता दें कि गोगुंडा नक्सलियों का अभेद्य किला माना जाता था. इस पहाड़ी पर बाहरी लोगों का आना जाना प्रतिबंधित था. गोगुंडा पहाड़ी पर नक्सलियों ने अपना सिक्योर ट्रेनिंग कैंप और एंबुश प्वाइंट बना रखा था. सुरक्षा बलों के लिए ये इलाका लंबे समय तक नो-गो जोन बना रहा.

नक्सल उन्मूलन अभियान में गोगुंडा बड़ी जीत

नियाद नेल्लानार और फोर्स के ऑपरेशन की बदौलत आज गोगुंडा जैसी संवेदनशील जगह पर शांति स्थापित हो पाई है. इस पहाड़ी पर सीआरपीएफ कैंप स्थापित किया गया.कैंप स्थापित होने के बाद गोगुंडा पहाड़ी पर सड़क निर्माण किया गया. सड़क बनने से गोगुंडा पर बसे सात पारा आपस में जुड़ गए. अब इस पहाड़ी में प्रशासन बुनियादी सुविधाएं पहुंचा रहा है. रणनीतिक डॉमिनेशन और जवानों के अथक प्रयासों ने इस अभेद गढ़ को कमजोर किया.

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