लखनऊ में वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी को कार्डियेक अरेस्ट; सिविल अस्पताल में भर्ती, अखिलेश यादव-ब्रजेश पाठक देखने पहुंचे
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि राजेंद्र चौधरी की एंजियोग्राफी कराई गई है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 3, 2026 at 4:10 PM IST
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय प्रवक्ता, पूर्व मंत्री और वर्तमान एमएलसी राजेंद्र चौधरी को कार्डियेक अरेस्ट आने के बाद लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी तबीयत की जानकारी लेने के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सिविल अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली.
#WATCH | लखनऊ | उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, " सदस्य विधानपरिषद राजेंद्र चौधरी को लखनऊ के सिविल अस्पताल में अचानक लाया गया है। उन्हें कार्डियक अरेस्ट हुआ है, कोई चिंता की बात नहीं है... इलाज चल रहा है। अभी उनकी स्थिति स्थिर है। यदि आवश्यकता महसूस हुई तो उन्हें… https://t.co/SLKDFVeqa9 pic.twitter.com/qu5rT9fn4v
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 3, 2026
अस्पताल में मीडिया से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि राजेंद्र चौधरी की एंजियोग्राफी कराई गई है. उनकी स्थिति सामान्य है और स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है और फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है.
जानकारी के बाद उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी सिविल अस्पताल पहुंचे और राजेंद्र चौधरी का हालचाल जाना. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है और उनकी तबीयत में पहले से काफी सुधार है. डिप्टी सीएम ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो बेहतर इलाज के लिए उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल भी शिफ्ट किया जाएगा. वरिष्ठ नेता राजेंद्र चौधरी के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सिविल अस्पताल पहुंचने लगे. सभी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं.
गौरतलब है कि इससे पहले भी कुछ महीने पहले उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उस समय उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार हो गया था. राजेंद्र चौधरी समाजवादी पार्टी के सबसे वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते हैं. उन्हें अखिलेश यादव का बेहद करीबी माना जाता है और पार्टी की रणनीति व संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है.
यह भी पढ़ें : निकाय चुनाव में धांधली की शिकायत लेकर निर्वाचन आयोग पहुंचे सपा नेता, लगाए ये आरोप

