अमेरिका भेजने का झांसा देकर ग्वाटेमाला में छोड़ा युवक, किसान से ठगे 43 लाख, जमीन बेचकर विदेश भेजा था बेटा
कुरुक्षेत्र के एक किसान के बेटे को अमेरिका भेजने के नाम पर एजेंटों ने 43 लाख रुपये की ठगी की. परिवार से नहीं कोई संपर्क.


Published : December 18, 2025 at 1:56 PM IST
करनाल: देश का युवा अमेरिका जाने के लिए अभी भी डोंकी के रास्ते जाने को मजबूर है और ठगी का शिकार हो रहा है. हरियाणा के कुरुक्षेत्र से ताजा मामला सामने आया है. कुरुक्षेत्र के सारसा गांव के उदय को परिवार ने बड़े अरमानों से 43 लाख रुपये लगाकर अमेरिका भेजा था. लेकिन अब उनके बेटे से पिछले डेढ़ साल से उनका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है. जिसके चलते परिवार चिंता में है. परिवार वालों का कहना है कि "एजेंट ने बेटे को सीधे अमेरिका भेजने की बात कही थी. लेकिन उनका अपने बेटे से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है".
"एजेंट ने 25 लाख में तय की बात": उदय के पिता रोशन लाल ने बताया कि "पिछले साल जनवरी के महीने में उन्होंने अपने बेटे को अमेरिका भेजने के लिए बलदेव सिंह नामक एजेंट से बातचीत की थी. जो उनके गांव का ही रहने वाला था. वह अपने बेटे को कनाडा में भेजना चाहता था. क्योंकि उनके बेटे ने पीटीआई का कोर्स किया हुआ था. बेटे को भेजने के लिए एजेंट के साथ 25 लाख रुपये में बात तय हो गई थी".
"रिफ्यूज आने के बाद 35 लाख में हुई बात": रोशन लाल ने बताया कि "बात तय होने के बाद परिवार ने उदय के सारे डॉक्यूमेंट बलदेव सिंह को दे दिए थे. इसके बाद कनाडा के लिए फाइल लगाई गई. लेकिन उसका रिफ्यूज आ गया. लेकिन एजेंट ने उनको कहा कि कनाडा का रिफ्यूज आया है. अमेरिका जा सकता है, तो फिर उन्होंने 35 लाख रुपए में अमेरिका जाने की बात तय की. एजेंट ने कहा कि वह उनके बेटे को सीधे अमेरिका भेज देगा".
एजेंट ने की धोखाधड़ी: उदय के पिता ने बताया कि "परिवार ने सोचा कि चलो अगर एक नंबर में बेटा अमेरिका जाता है, तो अच्छी बात है. परिवार ने अपने कुछ जमीन बेचकर एजेंट को पैसे दे दिए. लेकिन 2 महीने तक उसका वीजा नहीं आया. फिर परिवार ने पासपोर्ट वापस मांगना चाहा, लेकिन वह उनको उनके बेटे को अमेरिका भेजने की बात कहने लगा कि कुछ समय बाद में उसको अमेरिका में भेज दूंगा और आप सारी पेमेंट मेक्सिको जाने के बाद दे देना".
मेक्सिको में एजेंट ने छोड़ा साथ: पिछले वर्ष 7 अप्रैल को बलदेव और उसके साथी सुखबीर ने उदय को अमेरिका भेजने के लिए अमेरिका की फ्लाइट में बिठा दिया. लेकिन अमेरिका जाने के बाद वह पैसे मांगने लगा. परिवार ने बेटे के खातिर उनको करीब 19 लाख रुपये उसे समय दे दिए. जब वह ब्राजील में था. जैसे-तैसे करके वह जंगल और समुद्री रास्ते से होता हुआ मेक्सिको में पहुंच गया. लेकिन वहां पर जाने के बाद एजेंट ने उनसे बात करना छोड़ दिया. वहां पर उसका खर्च उठाना भी छोड़ दिया. करीब 3 महीने तक वह मेक्सिको में रहा. जब परिवार एजेंट से फोन पर बात करना चाहता था, तो वह उनका फोन नहीं उठाता था.
"ग्वाटेमाला में फंसा युवक": उदय के पिता रोशन लाल ने फोन पर बताया कि "परिवार डर के मारे गांव के ही दूसरे एजेंट रजत से संपर्क करता है और फिर 24 लाख रुपये में वह उनके बेटे को अमेरिका भेजने की बात कहता है. दो अन्य एजेंट जय किशन और कमल से उनको उनके गांव का एजेंट मिल जाता है. उनके खाते में 18 लाख रुपये ट्रांसफर कर देते हैं. जबकि 6 लाख रुपये उनको नगद दे देते हैं. लेकिन उनके बेटे उदय को उनके द्वारा भी अमेरिका नहीं पहुंचाया गया. बल्कि वह उनको ग्वाटेमाला छोड़ आए".
परिवार ने पुलिस को दी शिकायत: "परिवार ने अपने बेटे को अमेरिका भेजने के नाम पर अभी तक 43 लाख रुपये खर्च कर दिए थे. लेकिन उसके बाद डेढ़ साल हो गया, परिवार की उनके बेटे से कोई भी बात नहीं हुई. जिसके चलते परिवार डर के माहौल में जी रहा है कि कहीं उनके बेटे के साथ वहां पर कोई अनहोनी तो नहीं हो गई. इसी के चलते अब कुरुक्षेत्र पुलिस में पीड़ित परिवार ने उनके साथ धोखाधड़ी और बेटे से संपर्क न होने की बात कह कर पुलिस में शिकायत दी है".
उदय का वीडियो आया सामने: पीड़ित परिवार ने मीडिया के साथ एक वीडियो भी शेयर की है. यह उस समय की वीडियो है, जब वह बीच रास्ते में था. वीडियो में पीड़ित युवक कह रहा है कि "डोंकर मुझे मारते पीटते हैं. खाने को भी कुछ नहीं देते, ठंड भी इतनी ज्यादा है कि कई-कई लोगों पर एक कंबल दिया जाता है". उन्होंने कहा कि "किसी भी तरीके से पापा मुझे यहां से निकालो मैं बहुत परेशान हूं".
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