ETV Bharat / state

सीहोर का ऐसा सरकारी हाई स्कूल जहां का फर्श, दीवारें और पेड़ भी बने टीचर!

सीहोर का खरसानिया शासकीय स्कूल प्राइवेट स्कूलों से बहुत आगे. 5 साल से 100 फीसदी रिजल्ट आने पर मिला अवार्ड.

Sehore high school innovation
सीहोर का खरसानिया शासकीय स्कूल बना नजीर (ETV BHARAT)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : June 3, 2026 at 12:07 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

सीहोर : सीहोर के खरसानिया हाई स्कूल को देखकर लगता ही नहीं कि ये सरकारी स्कूल है. यहां किए गए नए प्रयोग बताते हैं कि अगर शिक्षक चाहें तो स्कूल की तस्वीर बदल सकते हैं और बच्चों का भविष्य संवार सकते हैं. यहां शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावहारिक रूप से धरातल पर है. इसी कारण स्कूल को प्रदेश स्तर पर पहला पुरस्कार मिला है.

गैलरी को दे दिया क्लासरूम का रूप

इस स्कूल की सबसे अनूठी बात यहां का बुनियादी ढांचा है, जिसे शिक्षा के एक बड़े टूल में बदल दिया गया है. स्कूल की 8 फीट चौड़ी और 50 फीट लंबी गैलरी को जीवंत क्लासरूम का रूप दे दिया गया है. गैलरी के फर्श पर पारंपरिक खेल ‘लंगड़ी’ के बॉक्स बनाए गए हैं. इन बॉक्सों के भीतर छोटी और बड़ी अंग्रेजी वर्णमाला (ए, बी, सी, डी) के साथ गिनती लिखी गई है. जब बच्चे दोपहर के समय यहां लंगड़ी खेलते हैं तो वे केवल कूदते नहीं हैं, बल्कि एक-एक कदम के साथ वन, टू, थ्री और ए, बी, सी, डी का उच्चारण भी करते हैं.

Sehore high school innovation
स्कूल में लगे पेड़ों को एक प्रकार से टीचर बना दिया (ETV BHARAT)

दीवारों पर आकृतियां और पेड़ों पर वर्णमाला

इसके अलावा फर्श पर सांप-सीढ़ी की तर्ज पर रंगीन आकृतियां और अंक बनाए गए हैं, जिससे गणित को समझना बच्चों के लिए बेहद आसान हो गया है. स्कूल परिसर में लगे करीब 20 पेड़ों को भी शिक्षकों ने ‘बोलता हुआ’ बना दिया है. इन पेड़ों के तनों और शाखाओं पर विभिन्न ज्ञानवर्धक चित्र और शब्द लिखे गए हैं. स्कूल में बच्चों को प्रकृति के बीच ले जाकर ‘पहचान आधारित शिक्षा’ दी जाती है.

Sehore high school innovation
स्कूल की गैलरी में लंगड़ी और सांप-सीढ़ी का खेल (ETV BHARAT)

शिक्षकों द्वारा बच्चों से पेड़ों पर लिखी चीजों के नाम और उनके व्यावहारिक उपयोग पूछे जाते हैं. खेल-खेल में सीखने की इस अनूठी पद्धति की शुरुआत स्कूल के प्राचार्य संतोष धनवारे ने की है. खरसानिया हाई स्कूल लगातार 5 वर्षों से बोर्ड परीक्षाओं में 100 प्रतिशत परिणाम दे रहा है.

स्कूल का किचन गार्डन भी खास

Sehore high school innovation
स्कूल की दीवारें भी पढ़ाती हैं (ETV BHARAT)

स्कूल के सभी शिक्षक समय के बेहद पाबंद हैं, जिससे छात्रों को भी अनुशासन और समय प्रबंधन की सीख मिलती है. यदि कभी बच्चों का मन पारंपरिक तरीके से पढ़ाई में नहीं लगताए तो उन्हें खुले परिसर में पेड़ों और गैलरी के मॉडलों के माध्यम से पढ़ाया जाता है, जिससे कठिन विषय भी चुटकियों में समझ आ जाते हैं. प्राचार्य संतोष धनवारे के साथ शिक्षक रुखसाना बेगम, शोभाराम मीणा, राकेश बकरिया, नीता शर्मा, प्रभु सिंह पंवार, रेखा पंवार और रामदीन पंवार बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखते हैं. स्कूल में किचन गार्डन बनाया गया है, जहां बच्चे व्यावहारिक रूप से कृषि और पोषण के बारे में सीखते हैं.