मर गई इंसानियत, सिस्टम से नाराज बाप ने सीहोर हाईवे पर बेटी का किया अंतिम संस्कार
नवजात बेटी की मौत के बाद सीहोर हाईवे के किनारे अंतिम संस्कार कर मध्य प्रदेश को चौंकाया. 6 जनवरी की घटना का शॉकिंग वीडियो.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 10, 2026 at 11:06 AM IST
|Updated : January 10, 2026 at 11:12 AM IST
सीहोर : मध्य प्रदेश के सीहोर से एक ह्रदय विदारक घटना सामने आई है. यहां एक पिता द्वारा सड़क किनारे बेटी का अंतिम संस्कार किए जाने का मामला सामने आया है. 6 जनवरी की इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सीहोर में हड़कंप मच गया है. घटना सीहोर भेरुदा मार्ग की है, जिसमें एक पिता अपनी अन्य बेटियों के साथ नवजात का अंतिम संस्कार करता नजर आता है.
इस वजह से कर सड़क किनारे किया अंतिम संस्कार
घटना से पहले 5 जनवरी को संतोष जाट ने अपनी नवजात बेटी की मौत के बाद जिला अस्पताल के सामने सड़क पर ही धरना दे दिया था, जिसके बाद नवजात बच्ची का अंतिम संस्कार सीहोर इछावर भेरुदा मार्ग पर कर दिया. इस मामले पर जब बात की गई तो संतोष जाट ने कहा, '' कई दिनों से बच्ची को आईसीयू बताकर रखे थे, फिर बोले कि उसकी मौत हो गई है. उनका व्यवहार अच्छा नहीं था. नवजात बच्ची की मौत के बाद मैंने अस्पताल से गाड़ी की मांग की पर कोई गाड़ी नहीं मिली, मेरा घर 150 किमी दूर है इसलिए सीहोर इछावर भेरुदा रोड पर बच्ची का अंतिम संस्कार कर दिया.''
डिलीवरी के बाद बच्ची की हालत थी गंभीर
अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक प्रसूता महिला ममता पति संतोष जाट को 30 दिसंबर को शाम 4:30 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था. महिला ने 2 जनवरी 2026 को रात 2:22 बजे सामान्य प्रसव से प्री- मेच्योर बच्ची को जन्म दिया, जिसका वजन 900 ग्राम था, जो अत्यधिक कम था. शिशु को तुरंत जिला चिकित्सालय स्थित एस.एन.सीयू में भर्ती कराया गया था और उसकी हालत गंभीर थी, जिसके बाद 5 जनवरी को दोपहर 3:30 बजे उस शिशु की मृत्यु हो गई थी. इसके बाद शव परिजनों को सौंपा गया, जिसके बाद शिशु के पिता द्वारा चिकित्सकों के विरुद्ध प्रदर्शन किया गया.
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परिजनों के आरोप के बाद हॉस्पिटल स्टाफ को नोटिस
इस मामले पर सीएमएचओ से बात करने की कोशिश की गई पर उन्होंने फोन नहीं उठाया. वहीं, अस्पताल सूत्रों का कहना है कि परिजनों द्वारा चिकित्सक के विरुद्ध प्रदर्शन के पूर्व सिविल सर्जन, आर.एम.ओ. अस्पताल प्रबंधक या अन्य किसी वरिष्ठ चिकित्सक से बात नहीं की गई. हालांकि, इस मामले में स्टाफ द्वारा उचित व्यवहार नहीं करने के आरोपों पर चिकित्सक व स्टाफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

