आधुनिक वाटर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम से रेलवे पुलों पर नदियों के जलस्तर की निगरानी
नदियों में खतरे का स्तर बढ़ते ही सबंधित अधिकारियों के मोबाइल पर तत्काल अलर्ट मेसेज आ रहा है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 9, 2026 at 11:19 AM IST
|Updated : July 9, 2026 at 1:55 PM IST
रायपुर: मानसून के दौरान रेलवे पुलों पर नदियों के जलस्तर की सतत एवं सटीक निगरानी रखने के उद्देश्य से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आधुनिक वाटर लेवल मॉनीटरिंग सिस्टम को अपनाया है. सेंसर आधारित यह अत्याधुनिक प्रणाली वर्तमान में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 12 महत्वपूर्ण रेलवे पुलों पर स्थापित की गई है. यह प्रणाली 24 घंटे रियल-टाइम में जलस्तर की निगरानी करते हुए संरक्षित एवं निर्बाध रेल परिचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.
पारंपरिक मीटर गेज प्रणाली से नापते थे जलस्तर
पहले बारिश के दिनों में नदियों के जलस्तर का आकलन पारंपरिक मीटर गेज प्रणाली के माध्यम से किया जाता था, जिसमें मैनुअल रीडिंग लेने के कारण सूचना प्राप्त होने में देरी होती थी. इसके साथ ही त्रुटि होने की संभावना बनी रहती थी. अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में समय पर जानकारी उपलब्ध न होने से रेलवे ट्रैक एवं पुलों की संरक्षा का त्वरित आकलन करना चुनौतीपूर्ण होता था.

सेंसर आधारित वाटर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम
इन्हीं सब चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने आधुनिक वाटर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित किया है. यह प्रणाली सेंसर आधारित तकनीक के माध्यम से पुलों पर लगे जलस्तर संकेतकों की निरंतर निगरानी करने के साथ ही ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम से एकीकृत है. जैसे ही नदी का जलस्तर पूर्व निर्धारित चेतावनी अथवा खतरे के स्तर तक पहुंचता है या उसमें महत्वपूर्ण परिवर्तन होता है, सिस्टम स्वतः संबंधित अधिकारियों एवं अभियंताओं के मोबाइल फोन पर तत्काल एसएमएस अलर्ट भेज देगा. इससे आवश्यक सुरक्षा उपाय समय रहते लागू किए जा सकते हैं. रेल परिचालन को संरक्षित बनाए रखने में सहायता मिलेगी.

इस प्रणाली में संबंधित सहायक मंडल अभियंता, रेल पथ निरीक्षक (पीडबल्यूआई) सहित अन्य अधिकृत अधिकारियों के मोबाइल नंबर पंजीकृत हैं. परिणामस्वरूप जलस्तर में होने वाले प्रत्येक महत्वपूर्ण परिवर्तन की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंच जाती है, जिससे त्वरित निर्णय लेने और आवश्यक कार्रवाई करने में सुविधा होती है.
SECR के 12 रेलवे पुलों पर वाटर लेवल मॉनीटरिंग सिस्टम काम कर रहा है.


