EXPLAINER: E20 का डर या बदलती पसंद, पुरानी गाड़ियों की बिक्री में आई गिरावट, कार-बाइक खरीदने वाले कन्फ्यूज क्यों?
जनवरी-अगस्त के आंकड़ों में पिछले साल के मुकाबले कार और बाइक की बिक्री औसतन 17 फीसदी कम, जानिए वजह, संवाददाता प्रवीण सिंह की रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : September 2, 2026 at 7:58 PM IST
|Updated : September 3, 2026 at 6:44 PM IST
रायपुर: पुरानी गाड़ियों के मार्केट में एक साल में गिरावट आई है. 2025 और 2026 में जनवरी से अगस्त तक की तुलना करें तो कार और बाइक की बिक्री औसतन 17 फीसदी कम हुई है. इसका एक इफेक्ट E20 को माना जा रहा है, हालांकि गिरावट के पीछे और भी कई वजह है. पूरे आंकड़े, विक्रेताओं का क्या कहना है और गिरावट के पीछे की बाकी वजहों को जानते हैं इस खास रिपोर्ट में-
कार हो या बाइक, पुराना वाहन खरीदने पहुंच रहे ग्राहक अब सिर्फ कीमत, मॉडल और माइलेज नहीं देख रहे, बल्कि यह भी पूछ रहे हैं कि उनकी पसंद की गाड़ी E20 पेट्रोल के साथ कितनी अनुकूल है. यही वजह है कि यूज्ड व्हीकल कारोबारियों को ग्राहकों के बीच बढ़ता कन्फ्यूजन महसूस हो रहा है.
कारोबारियों के मुताबिक नई या एक-दो साल पुरानी गाड़ी खरीदने को लेकर ग्राहकों में उतनी झिझक नहीं है, लेकिन ज्यादा पुरानी गाड़ी खरीदते समय सवाल बढ़ गए हैं. हालांकि कारोबारी यह भी साफ कर रहे हैं कि इस गिरावट के लिए सिर्फ E20 को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. ईवी का बढ़ता बाजार, बाजार में फैला भ्रम और दूसरी कारोबारी परिस्थितियां भी इसकी वजह हैं.
बाजार में आखिर क्यों बढ़ा कन्फ्यूजन?
E20 पेट्रोल यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों और खरीदारों के बीच इन दिनों चर्चा तेज है. इसका असर खास तौर पर उन ग्राहकों में दिखाई दे रहा है जो पुरानी कार या बाइक खरीदने की तैयारी में हैं.ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि पुरानी गाड़ी E20 पेट्रोल के साथ किस तरह चलेगी, भविष्य में उसकी मेंटेनेंस लागत कितनी होगी और कहीं पेट्रोल में बदलाव के कारण पुरानी गाड़ी में अतिरिक्त परेशानी तो नहीं आएगी. यही सवाल अब यूज्ड व्हीकल बाजार के कारोबारियों के सामने भी आ रहे हैं.
यूज्ड कार बाजार में बिक्री पहले से थोड़ी कम
छत्तीसगढ़ ऑटोमोबाइल रिसेलर्स एसोसिएशन यानी CARA यूज्ड कार कारोबारियों का राज्य स्तरीय प्रमुख संगठन है. संगठन का काम यूज्ड कार कारोबारियों की व्यावहारिक कठिनाइयों को सामने लाना, उनके व्यापारिक हितों की रक्षा करना और सरकार तक उनकी मांगों को पहुंचाना है. CARA के कार्यवाहक अध्यक्ष विक्रम हुंदल के मुताबिक वर्तमान समय में यूज्ड कार मार्केट कुछ दबाव में है.

उनका कहना है कि बाजार में कई तरह के भ्रामक प्रचार हो रहे हैं और कुछ शासकीय स्तर की परेशानियों के कारण भी यूज्ड कार इंडस्ट्री को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. विक्रम हुंदल के मुताबिक, पहले सामान्य दिनों में एक कारोबारी औसतन 15 से 20 कारें बेच लेता था, लेकिन अब बिक्री कुछ कम हुई है. उनके मुताबिक इसके पीछे एक नहीं, बल्कि कई कारण हैं. इनमें E20 पेट्रोल को लेकर लोगों के बीच बना भ्रम और इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते चलन का भी असर शामिल है.
जितनी गाड़ी पुरानी उतना कन्फ्यूजन
ग्राहकों से मिल रहे फीडबैक के बारे में विक्रम हुंदल बताते हैं कि अखबारों, टीवी चैनलों और अन्य माध्यमों में E20 पेट्रोल को लेकर लगातार सामने आ रही खबरों के कारण लोगों के मन में पुरानी गाड़ियों को लेकर संकोच पैदा हुआ है. उनके मुताबिक नई गाड़ी खरीदने में ग्राहक को ज्यादा दिक्कत नहीं दिख रही, क्योंकि नई गाड़ी सामान्य तौर पर एक-दो साल तक ही पुरानी होती है. लेकिन जैसे-जैसे गाड़ी की उम्र बढ़ती जाती है, ग्राहक खरीदारी से पहले ज्यादा सावधानी बरत रहा है.यानी बाजार में ऐसा नहीं है कि ग्राहक पुरानी गाड़ियां खरीदना पूरी तरह बंद कर चुके हैं, लेकिन ज्यादा पुरानी गाड़ी खरीदने से पहले उनकी चिंता और सवाल जरूर बढ़ गए हैं.

पुरानी गाड़ी E20 के साथ चलेगी या नहीं?
यूज्ड व्हीकल बाजार में अब ग्राहक के सवाल भी बदल रहे हैं. पहले ग्राहक मुख्य रूप से गाड़ी की कीमत, मॉडल, माइलेज, इंजन की स्थिति और दस्तावेजों के बारे में जानकारी लेते थे. अब इसके साथ E20 पेट्रोल को लेकर भी सवाल पूछे जा रहे हैं. ग्राहक यह समझना चाहता है कि जिस पुरानी कार या बाइक को वह खरीद रहा है, वह मौजूदा पेट्रोल व्यवस्था के साथ कितनी अनुकूल है. इस वजह से कारोबारी मानते हैं कि E20 को लेकर तकनीकी जानकारी से ज्यादा इस समय ग्राहकों के बीच भ्रम का असर दिखाई दे रहा है.

पहले ग्राउंड लेवल पर तैयारी थी जरूरी: विक्रम हुंदल
E20 को लेकर विक्रम हुंदल का कहना है कि इस तरह के बदलाव से पहले ग्राउंड लेवल पर तैयारी और पर्याप्त फीडबैक की जरूरत थी. उनके मुताबिक पहले वाहन कारोबारियों और वाहन मालिकों से व्यावहारिक फीडबैक लिया जाता और फिर इसे लागू करने की दिशा में आगे बढ़ा जाता, तो लोगों के बीच भ्रम की स्थिति कम हो सकती थी. उनका जोर इस बात पर है कि पेट्रोल में बदलाव केवल नीति का विषय नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध लाखों पुराने वाहनों और उनके मालिकों से भी है. इसलिए बदलाव से पहले वास्तविक परिस्थितियों को समझना जरूरी था.

अब दोपहिया बाजार में भी दिख रहा असर
E20 को लेकर कन्फ्यूजन सिर्फ कार बाजार तक सीमित नहीं है. पुराने मोटरसाइकिल और स्कूटर के बाजार में भी कारोबारी बिक्री में कमी महसूस कर रहे हैं. सेकंड हैंड मोटरसाइकिल विक्रेता प्रतीक बावनकर के मुताबिक इस साल दोपहिया वाहनों की बिक्री में कमी आई है. उनका कहना है कि E20 पेट्रोल की वजह से भी पुराने दोपहिया वाहनों की बिक्री पर थोड़ा असर देखने को मिला है . उनके मुताबिक ग्राहक अब यह तय करने को लेकर कन्फ्यूज हैं कि उन्हें कौन सी गाड़ी खरीदनी चाहिए.
साधारण पेट्रोल वाली गाड़ी लें या E20 वाली
प्रतीक बावनकर के मुताबिक ग्राहकों के बीच इस बात को लेकर असमंजस है कि वे साधारण पेट्रोल वाली गाड़ी लें या E20 पेट्रोल के लिए अनुकूल गाड़ी को प्राथमिकता दें. यानी पुरानी बाइक या स्कूटर खरीदने वाले ग्राहक अब भविष्य को ध्यान में रखकर फैसला करना चाहते हैं. हालांकि उनका कहना है कि ज्यादा पुरानी कुछ गाड़ियों में भी E20 पेट्रोल के साथ इस्तेमाल की स्थिति बन रही है. इसलिए हर पुरानी गाड़ी को E20 के कारण अनुपयुक्त मानना सही नहीं होगा. बाजार में असली समस्या इस समय जानकारी की कमी और उससे पैदा हुआ कन्फ्यूजन है.
क्या कहते हैं आंकड़े
उपलब्ध आंकड़ों को देखें तो जनवरी से अगस्त 2025 की तुलना में जनवरी से अगस्त 2026 के दौरान मोटर कार की बिक्री कम हुई है. जहां छत्तीसगढ़ में जनवरी-अगस्त 2025 में 27,985 यूज्ड कार की बिक्री हुई वही अब जनवरी-अगस्त 2026 24,667 रह गई है. यानी 3,318 की कमी और करीब 11.9% की गिरावट आई है.
दोपहिया बाजार में गिरावट और ज्यादा
मोटरसाइकिल और स्कूटर के आंकड़े देखें तो कारों के मुकाबले गिरावट ज्यादा है. जनवरी-अगस्त 2025 में 62,138 बाइक या स्कूटर बिके. लेकिन जनवरी-अगस्त 2026 में 50,074 बिक्री हुई. यानी 12,064 वाहन कम बिके और करीब 19.4% की कमी आई. कार और बाइक में कुल कमी 15,382 वाहनों की है जो 17.1% तक जा रही है.

क्या सिर्फ E20 की वजह से है बिक्री में गिरावट
यह सवाल सबसे अहम है. आंकड़े बिक्री में गिरावट तो दिखा रहे हैं, लेकिन इन आंकड़ों के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि पूरी गिरावट सिर्फ E20 पेट्रोल के कारण आई है. खुद यूज्ड कार कारोबारियों ने भी E20 को कई कारणों में से एक कारण बताया है. CARA के कार्यवाहक अध्यक्ष विक्रम हुंदल के मुताबिक बाजार में भ्रामक प्रचार, कुछ शासकीय परेशानियां और इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते विकल्प का भी असर है. दोपहिया कारोबारियों के मुताबिक भी ग्राहक तकनीक और पेट्रोल को लेकर असमंजस में हैं. इसलिए तस्वीर यह है कि E20 ने ग्राहकों के सवाल जरूर बढ़ाए हैं, लेकिन बाजार की पूरी गिरावट को केवल E20 से जोड़ना फिलहाल उचित नहीं होगा.
ईवी का बढ़ता विकल्प भी चुनौती
पुरानी गाड़ियों के बाजार में एक और बड़ा बदलाव इलेक्ट्रिक वाहनों के रूप में दिखाई दे रहा है. जब ग्राहक पुरानी पेट्रोल गाड़ी खरीदने के बारे में सोचता है, तो उसके सामने अब केवल पेट्रोल और डीजल का विकल्प नहीं है. इलेक्ट्रिक वाहन भी एक विकल्प के तौर पर मौजूद हैं. यही वजह है कि यूज्ड कार कारोबारियों के मुताबिक ईवी के आने से भी पुराने पेट्रोल वाहनों के बाजार पर कुछ असर पड़ा है. इस स्थिति में E20 को लेकर बनी आशंका और ईवी का बढ़ता विकल्प, दोनों मिलकर ग्राहक के खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं.
कम कीमत अभी भी ताकत
तमाम सवालों और कन्फ्यूजन के बावजूद पुरानी गाड़ियों की मांग पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. इस बाजार की सबसे बड़ी ताकत इसकी कम कीमत है. जिन ग्राहकों का बजट नई गाड़ी खरीदने की अनुमति नहीं देता, उनके लिए अच्छी स्थिति वाली पुरानी कार या बाइक अब भी एक व्यावहारिक विकल्प है. इसलिए E20 को लेकर आशंका के बावजूद पुरानी गाड़ियों का बाजार खत्म होने की स्थिति में नहीं है. बल्कि अब ग्राहक पहले से ज्यादा जानकारी लेकर और वाहन की स्थिति देखकर खरीदारी करना चाहता है.
बाजार में भ्रम दूर करने की है असली जरूरत
कारोबारियों की बातों से एक बात स्पष्ट दिखाई देती है कि ग्राहकों को E20 को लेकर स्पष्ट और भरोसेमंद जानकारी की जरूरत है. ग्राहक जानना चाहता है कि उसकी पुरानी गाड़ी E20 के साथ कितनी अनुकूल है, उसके रखरखाव पर क्या असर पड़ सकता है और पुरानी गाड़ी खरीदते समय उसे किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. E20 पेट्रोल को लेकर पुरानी गाड़ियों के बाजार में डर से ज्यादा कन्फ्यूजन दिखाई दे रहा है. यही कन्फ्यूजन आने वाले समय में यूज्ड कार और दोपहिया बाजार की दिशा तय करने वाला अहम फैक्टर बन सकता है.

