अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर धमतरी में भी उत्साह, रामधुनी और प्रसादी वितरण
रामलला प्राण प्रतिष्ठा वर्षगांठ को धमतरी में धूमधाम से मनाया गया. श्री राम और माता सीता की प्रतिमा रखकर पूजा अर्चना की गई.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 1, 2026 at 2:17 PM IST
धमतरी: अयोध्या में हुए श्री राम मंदिर के वर्षगांठ को छत्तीसगढ़ के धमतरी में भी धूमधाम से मनाया गया. भक्तों ने शहर के मठ मंदिर के पास भजन कीर्तन का आयोजन किया और महाप्रसादी का वितरण किया. भक्तों ने कहा कि तिथि के अनुसार अयोध्या राम मंदिर में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी के दिन हुई थी.
मठ में भजन कीर्तन: धमतरी जिले में श्री रामलला स्थापना को लेकर उत्साह देखने को मिला. शहर के मठ मंदिर के पास बड़े धूमधाम से श्री राम भक्तों ने भजन कीर्तन का आयोजन किया. इससे पहले भगवान श्री राम और माता सीता की प्रतिमा रखकर पूजा अर्चना की गई. जिसके बाद भजन कीर्तन का शुभारंभ किया गया और आने-जाने वाले लोगों को प्रसाद बांटा गया.
रामधुनी का भी आयोजन: राम भक्तों ने बताया कि सनातनियों के लिए यह हर्ष का दिन है. क्योंकि 500 वर्ष तक श्री रामलला अपने दिव्य मंदिर से बाहर रहे और 2 साल पहले 22 जनवरी को हिंदू तिथि के मुताबिक पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी के दिन ही रामलला दिव्य मंदिर में विराजित हुए. यह हमारे लिए गौरव और आनंद का विषय है. धमतरी में इसे लेकर रामधुनी का भी आयोजन किया और भक्त भजन कीर्तन में हर्षोल्लास के साथ झूमते नजर आए.

PM मोदी ने भी दी शुभकामनाएं: राम भक्तों ने बताया कि पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी अंग्रेजी तारीख के मुताबिक 31 दिसंबर को है. ऐसे में तीसरा वर्ष जो राम भगवान मंदिर का हुआ है उसका उत्साह देश ही नहीं पूरे विश्व में है. PM मोदी ने भी सोशल मीडिया पर लिखा कि यह वर्षगांठ हमारी आस्था और परंपराओं का दिव्य उत्सव है. इस पवित्र अवसर पर देश-विदेश के सभी राम भक्तों की ओर से प्रभु श्रीराम के चरणों में कोटि-कोटि नमन. समस्त देशवासियों को मेरी अनंत शुभकामनाएं.

हाल ही में ध्वज स्थापना भी हुई: PM मोदी ने आगे लिखा कि भगवान श्री राम की असीम कृपा और आशीर्वाद से असंख्य रामभक्तों का पांच सदियों का संकल्प साकार हुआ है. इस वर्ष अयोध्या की धर्म ध्वजा, रामलला की प्रतिष्ठा द्वादशी की साक्षी बन रही है. ये मेरा सौभाग्य है कि पिछले महीने मुझे इस ध्वजा की पुण्य स्थापना का सुअवसर मिला.
जय सियाराम!

