एक्सप्रेसवे के नीचे 'प्रिंस' के कंकाल की तलाश, 6 साल पहले गाड़ा शव, आज से फिर खुदाई की कवायद शुरू
आपसी रंजिश के चलते प्रिंस की हत्या कर दी गई और शव को निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे के नीचे गाड़ दिया गया.

Published : March 1, 2026 at 5:42 PM IST
जयपुर: राजस्थान के दौसा जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रविवार को एक बार फिर खुदाई की कवायद शुरू कर दी गई. मशीनों की मदद से सड़क की कारपेटिंग हटाने की कवायद शुरू की गई है. यहां छह साल पहले गाड़े गए चार साल के मासूम प्रिंस के शव के अवशेषों की तलाश जारी है. इस संबंध में शुक्रवार को जीपीआर मशीन की मदद से एक्सप्रेसवे की सड़क की स्कैनिंग की गई थी. स्कैनिंग में तीन-चार पॉइंट्स पर जमीन में कुछ गड़ा होने की संभावना जताई गई थी. स्कैनिंग रिपोर्ट के आधार पर आज सड़क की ऊपरी परत हटाने की कवायद शुरू कर दी गई है. इसके बाद खुदाई कर शव के अवशेषों की तलाश की जाएगी.
2020 में लापता हुआ था प्रिंस: बांदीकुई थानाधिकारी जहीर अब्बास ने बताया कि 2020 में उनबड़ा गांव की एक ढाणी से चार साल का बच्चा प्रिंस उर्फ टिल्लू लापता हुआ था. उस समय काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला. इस मामले में अनुसंधान के दौरान मिले तकनीकी सबूतों के आधार पर पिछले दिनों अनिल और कृष्णा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी. पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने आपसी रंजिश के चलते प्रिंस की हत्या कर दी और शव को निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे के नीचे गाड़ दिया. उन्होंने शव गाड़ने की जो जगह बताई है, उस जगह अब एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो चुका है. पहले सड़क किनारे खुदाई कर शव के अवशेषों की तलाश की गई थी. अब आधुनिक तकनीक से युक्त जीपीआर मशीन की मदद से सड़क की स्कैनिंग करवाई गई है.
स्कैनिंग के आधार पर फिर खुदाई: स्कैनिंग में मिले बिंदुओं के आधार पर अब एक बार फिर खुदाई की कवायद शुरू की गई है. पुलिस पूछताछ में जब शव गाड़ने की बात सामने आई, तो जेसीबी की मदद से सड़क के किनारे खुदाई करवाई गई थी. हालांकि, अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है. अब स्कैनिंग के बिंदुओं के आधार पर एक बार फिर खुदाई की कवायद शुरू की गई है.

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल: इधर, प्रिंस के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. उसके माता-पिता और परिजनों ने छह साल तक उसकी हर जगह तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. बच्चे के पिता जगमोहन दुबई में नौकरी करते हैं. जैसे ही उन्हें ताजा घटनाक्रम की जानकारी मिली, वे गांव पहुंच गए. इस घटना के बाद पत्नी और परिजनों के दिल के जख्म एक बार फिर ताजा हो गए हैं. जब से पत्नी को बच्चे की हत्या के बारे में पता चला, उसकी तबीयत बिगड़ गई है. उनका कहना है कि बच्चे के शव के अवशेष जल्द से जल्द मिले और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाई जाए.



