राजस्थान सी-साइड स्टार्टअप समिट-2026: सीएम भजनलाल बोले- स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत कर रही हमारी सरकार
आर्मेनिया गणराज्य के राजदूत वहागन आफ्यान ने कहा कि भारत और आर्मेनिया के बीच नवाचार को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं.

Published : February 27, 2026 at 4:40 PM IST
जयपुर: राजधानी में तीन दिवसीय राजस्थान सी-साइड स्टार्टअप समिट-2026 शुक्रवार से शुरू हुई. इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया. उन्होंने कहा कि राजस्थान प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप इकोसिस्टम के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकार नीतियों को सरल बनाकर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है. आर्मेनिया गणराज्य के सहयोग से आयोजित इस समिट में 130 से अधिक चयनित स्टार्टअप को प्रशिक्षण दिया जाएगा. सीएम ने बताया कि प्रदेश में 3 हजार 450 से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं और राइजिंग राजस्थान के 8 लाख करोड़ के निवेश पर कार्य प्रारंभ हुआ है.
समिट में मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान आज निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है. सरकार द्वारा नीतियों और प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, जिससे निवेशक आसानी से अपना उद्यम यहां स्थापित कर सकें. उन्होंने उद्यमियों का आह्वान किया कि वे राजस्थान में निवेश कर राज्य के विकास में सक्रिय भागीदार बनें तथा आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के विजन को साकार करें.
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सीएम ने कहा कि राजस्थान आज सीमाओं से परे भी नवाचार और साझेदारी में आगे बढ़ रहा है. आर्मेनिया गणराज्य तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह समिट इस पहल का सुखद परिणाम है. इस समिट के माध्यम से नवप्रवर्तक, निवेशक, नीति-निर्माता और उद्यमी जुड़कर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे और सीमाओं से परे परस्पर सहयोग का निर्माण करेंगे. 27 फरवरी से 1 मार्च तक चलने वाले इस समिट में 130 से अधिक चयनित स्टार्टअप को कार्यशालाओं, पैनल चर्चा और व्यक्तिगत मार्गदर्शन सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा.
3 हजार 450 से अधिक स्टार्टअप्स पंजीकृत: उन्होंने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन कर 35 लाख करोड़ के एमओयू हस्ताक्षरित किए गए थे, जिसमें से 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश पर कार्य प्रारंभ भी हो चुका है. राजस्थान एआई, डीपटेक और उभरती प्रौद्योगिकियों से लेकर मशीन लर्निंग, डेटा साइंस जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है. भाजपा सरकार द्वारा पिछले दो वर्षों में आई-स्टार्ट के माध्यम से प्रदेश में 3 हजार 450 से अधिक स्टार्टअप्स पंजीकृत हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि एनिमेशन, गेमिंग, एक्सटेंडेड रियलिटी और कॉमिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. अटल इनोवेशन स्टूडियो से स्मार्ट गवर्नेंस तथा बेहतर सेवा वितरण को प्रोत्साहन मिला है. वहीं, स्टार्टअप हब्स को टिंकरिंग लैब, डीप-टेक लैब्स, डेटा एवं एआई लैब्स से लैस करने के लिए बजट 2026-27 में राशि आवंटित की गई है.
स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन: इस अवसर पर आर्मेनिया गणराज्य के राजदूत वहागन आफ्यान ने कहा कि भारत और आर्मेनिया के बीच तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर सहयोग किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस समिट के माध्यम से विचार एवं पूंजी, तकनीक एवं मार्केट तथा दो देशों के लोगों को एक साथ आने का अवसर मिलेगा, जिससे तकनीक आधारित नीतियों के निर्माण में सहायता मिलेगी. समिट में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि सरकार डिजिटल आधारित नवाचारों तथा स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए डिजीफेस्ट का आयोजन किया था, जिससे प्रदेश में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा मिले तथा नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा मिल सके.

