कुथाह मेले में 23 माह की नितिका बनी मुख्य अतिथि, 11 माह की उम्र में बाढ़ में खो दिया था पूरा परिवार
एसडीएम थुनाग की शानदार पहल- मासूम को बनाया मुख्य अतिथि, नितिका को सम्मानित होता देख लोगों की आंखें हुई नम.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : May 24, 2026 at 8:12 PM IST
सराज: जब भी कुदरत कहर बरपाती है, तो कई परिवारों की खुशियां पलभर में उजड़ जाती हैं. हालांकि इस बीच कुछ कहानियां ऐसी भी होती हैं, जो दर्द के बीच उम्मीद की नई किरण बन जाती हैं. ऐसा ही कुछ भावुक कर देने वाला दृश्य सराज घाटी के जिला स्तरीय कुथाह मेले की सांस्कृतिक संध्या में देखने को मिला, जब प्राकृतिक आपदा में अपने माता-पिता को खो चुकी महज 23 माह की मासूम नितिका को मुख्य अतिथि बनाया गया. जैसे ही नितिका मंच पर पहुंची, पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. दर्शकों की आंखें नम हो गई और माहौल भावुक हो गया. आयोजन समिति ने नन्हीं बच्ची को शॉल, टोपी और उपहार देकर सम्मानित किया.
नितिका को देख लोगों की आंखों में आंसू
एसडीएम थुनाग संजीत शर्मा ने शानदार पहल करते हुए अपना सब कुछ खो चुकी 23 माह की नितिका को सांस्कृतिक संध्या मुख्य अतिथि बनाया. एसडीएम थुनाग ने कहा कि नितिका केवल एक बच्ची नहीं, बल्कि संघर्ष और हौसले की मिसाल है. तनी छोटी उम्र में माता-पिता का साया सिर से उठ जाने के बावजूद उसकी मासूम मुस्कान लोगों को जिंदगी से लड़ने की प्रेरणा दे रही है. इस दौरान कई लोग अपनी भावनाएं रोक नहीं पाए और महिलाओं एवं बुजुर्गों की आंखों से आंसू छलक पड़े. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि यह सम्मान समाज को यह संदेश देता है कि दुख की घड़ी में पूरा समाज पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है.
"मासूम नितिका को मुख्य अतिथि बनाने के पीछे कोई खास कारण नहीं है. ये उन लोगों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत है, जो थोड़े से दुख या कष्ट मिलने पर हिम्मत हार कर घर बैठ जाते हैं. नितिका ने हम सबको एक संदेश दिया है कि जीवन जीने का नाम है. उम्मीद कभी नहीं हारती है." - संजीत शर्मा, एसडीएम थुनाग
बीते साल बाढ़ ने नितिका से छीन लिया था पूरा परिवार
बता दें कि साल 2025 को 30 जून की रात को सराज में जगह जगह में बादल फटने की घटना सामने आई. जिसके चलते कई जगहों पर फ्लैश फ्लड की घटनाएं सामने आई. 30 जून और 1 जुलाई की रात को सराज घाटी के तलवाड़ा गांव में बादल फटने से फ्लैश फ्लड आया. जिसमें उस समय 11 महीने की नितिका ने अपने माता-पिता और दादी को खो दिया. उसके पिता रमेश (उम्र 31 साल) की इसमें मौत हो गई, जबकि उसकी मां राधा देवी (उम्र 24 साल) और दादी पूर्णु देवी (उम्र 59 साल) अभी भी लापता है. रमेश घर में घुस रहे पानी का बहाव मोड़ने के लिए बाहर निकले थे, जबकि उनकी पत्नी और मां उनकी मदद के लिए उनके पीछे-पीछे आईं और फिर वे कभी वापस नहीं लौटीं.
मासूम नितिका 'चाइल्ड ऑफ स्टेट' घोषित
वहीं, इस हादसे के बाद सरकार द्वारा नितिका को 'चाइल्ड ऑफ स्टेट' घोषित किया गया और सरकार ने उसकी शिक्षा और पालन-पोषण का खर्च उठाने का वादा किया. उस दर्दनाक हादसे ने पूरे सराज क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था. अब 23 माह की नितिका का इस तरह सम्मानित होना लोगों के लिए भावनात्मक पल बन गया है. हालांकि इस दौरान सांस्कृतिक संध्या में स्थानीय कलाकारों ने भी शानदार प्रस्तुतियां देकर माहौल को जीवंत बनाए रखा, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में मासूम नितिका ही रही. पूरे मेले में लोग उसी मासूम चेहरे, मुस्कान और साहस की बात करते नजर आए.

