एसडीजी 2.0 और बस्तर अंजोर से विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को मिलेगी नई गति- छत्तीसगढ़ सीएम
मुख्यमंत्री ने कहा कि एसडीजी 2.0 'विकसित छत्तीसगढ़ @2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 9, 2026 at 9:31 AM IST
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद के सदस्यों की उपस्थिति में राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार छत्तीसगढ़ एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क का विमोचन किया. इस अवसर पर छत्तीसगढ़ एसडीजी राज्य एवं जिला संकेतक फ्रेमवर्क 2.0 और मेटाडेटा हैंडबुक का भी विमोचन किया गया. साथ ही बस्तर संभाग के समावेशी, अभिसरण आधारित और मापनीय विकास के लिए तैयार की गई अभिनव पहल 'बस्तर अंजोर' की भी शुरुआत की गई.
विकसित छत्तीसगढ़ 2047 का लक्ष्य
सीएम साय ने कहा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, सटीक डेटा और परिणाम आधारित मॉनिटरिंग बहुत जरूरी है. एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क शासन को साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण, बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय और योजनाओं की नियमित निगरानी के लिए एक सशक्त आधार देगा. उन्होंने कहा कि यह पहल 'विकसित छत्तीसगढ़ @2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल विकास योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि उनके वास्तविक प्रभाव को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है. एस.डी.जी. 2.0 के माध्यम से विकास की प्रगति को अधिक पारदर्शी, मापनीय और जवाबदेह बनाया जा सकेगा.
नए एसडीजी. 2.0 फ्रेमवर्क के अंतर्गत राज्य स्तर पर संकेतकों की संख्या 275 से बढ़ाकर 343 और जिला स्तर पर 82 से बढ़ाकर 99 कर दी गई है. इससे विकास कार्यों की ज्यादा व्यापक, सटीक और वैज्ञानिक निगरानी संभव हो सकेगी. मेटाडेटा हैंडबुक में हर संकेतक की गणना पद्धति एवं रिपोर्टिंग प्रणाली को मानकीकृत किया गया है, जिससे पूरे राज्य में डेटा की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी.
बस्तर अंजोर से बस्तर का विकास
इस अवसर पर राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने 'बस्तर अंजोर' की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह अभिसरण (कन्वर्जेंस) आधारित विकास मॉडल है, जिसे बस्तर संभाग को देश का सर्वाधिक विकसित जनजातीय क्षेत्र बनाने के संकल्प को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है.
उन्होंने बताया कि 'बस्तर अंजोर' के 3+4 मॉडल के अंतर्गत जिला स्तर की तीन प्रमुख पहल - नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर - का अभिसरण चार प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय विकास फ्रेमवर्क - एस.डी.जी. 2030, विकसित छत्तीसगढ़ @2047, आकांक्षी जिला एवं विकासखंड कार्यक्रम से किया गया है. इसका उद्देश्य अतिरिक्त संसाधनों के बिना बेहतर समन्वय के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में ठोस एवं मापनीय परिणाम प्राप्त करना है.
'बस्तर अंजोर' अंत्योदय से सर्वोदय की भावना पर आधारित एक दूरदर्शी पहल है, जो बस्तर को समावेशी, सतत एवं परिणामोन्मुख विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विजय शर्मा, मंत्रिपरिषद के सदस्य, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे.

