बिहार में दर्दनाक हादसा, शादी से लौट रही स्कॉर्पियो और ट्रक की टक्कर, 3 की मौत.. आधा दर्जन घायल
औरंगाबाद में शादी की खुशियां मातम में बदल गई. समारोह से लौट रही स्कॉर्पियो खड़ी ट्रक से टकराई, 3 की मौत कई घायल. पढ़ें खबर-

Published : February 27, 2026 at 12:10 PM IST
औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में स्थित देव मोड़ के पास गुरुवार रात एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई है. उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में रिश्तेदार की शादी में शामिल होकर झारखंड के धनबाद लौट रहे 10 सदस्यीय परिवार की स्कॉर्पियो ने खड़े ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी. इस हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.
ट्रक से स्कॉर्पियो की भीषण टक्कर: घटना राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (जीटी रोड) पर देव मोड़ स्थित पेट्रोल पंप के समीप हुई. जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो में कुल 10 लोग सवार थे, जो 25 फरवरी को संपन्न हुए विवाह समारोह से 26 फरवरी को धनबाद की ओर लौट रहे थे. चालक को झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया और खड़े ट्रक से पीछे से टकरा गया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि स्कॉर्पियो के परखच्चे उड़ गए और तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.
मृतकों की पहचान हुई पहचान: औरंगाबाद सदर एसडीपीओ संजय कुमार पांडे ने बताया कि मृतकों में तेज नारायण गुप्ता और विकास कुमार चौहान की पहचान हो चुकी है. तीसरे मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जहां खुशियां अचानक मातम में बदल गई. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है.
"स्कॉर्पियो में कुल 10 लोग सवार थे. वाहन जैसे ही देव मोड़ के पास पहुंची, एक ट्रक से टकरा गई. टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही तीन लोगों की मौत हो गई है."-संजय कुमार पांडे, सदर एसडीपीओ -01, औरंगाबाद
घायलों की सूची और इलाज: घायलों में वाहन चालक दीनबंधु प्रसाद (बोकारो कुम्हारी), मृतक तेज नारायण गुप्ता की पत्नी निशा देवी, फुलवंती देवी, अमित कुमार, दिलीप कुमार (सभी बोकारो कुम्हारी निवासी), राजेश कुमार (धनबाद) और शिव शंकर कुमार (बाघमारा) शामिल हैं. सभी घायलों को सदर अस्पताल औरंगाबाद में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है.

एम्बुलेंस व्यवस्था पर सवाल: हादसे के बाद सरकारी एम्बुलेंस व्यवस्था की पोल खुल गई. बार-बार फोन करने के बावजूद एम्बुलेंस नहीं पहुंची. ऐसे में स्थानीय जिला परिषद सदस्य शंकर यादव ने अपने निजी वाहन से घायलों को तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचना दी. उन्होंने अस्पताल और एम्बुलेंस की समय पर उपलब्धता पर गंभीर सवाल उठाए, कहा कि ऐसी लापरवाही से गंभीर मरीजों को भारी परेशानी होती है.
"अपने वाहन से घायलों को तत्काल सदर अस्पताल भिजवाया तथा परिजनों को सूचना दी. अस्पताल की व्यवस्था ऐसी है कि समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाया, जिससे गंभीर मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा. पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है."-शंकर यादव, स्थानीय जिला परिषद सदस्य
चालक की थकान बनी कारण: प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार, लंबी यात्रा और शादी की थकान के कारण चालक को झपकी आ गई, जिससे वाहन पर नियंत्रण खो बैठा. यह हादसा लंबी दूरी की यात्रा में नींद और सतर्कता की कमी का एक और उदाहरण बन गया है. पुलिस जांच में ड्राइवर की भूमिका और ट्रक की स्थिति की भी पड़ताल की जा रही है.
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