बीजापुर में शाला प्रवेशोत्सव, नक्सल प्रभाव के कारण सालों से बंद पड़े 37 बंद स्कूल फिर से खुले
सांसद महेश कश्यप की मौजूदगी में जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव आयोजित किया गया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 3, 2026 at 7:48 AM IST
बीजापुर: जिले में शत प्रतिशत नामांकन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एजुकेशन सिटी में जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि सांसद महेश कश्यप ने कार्यक्रम में नए एडमिशन छात्र छात्राओं का तिलक लगाकर, पुष्प भेंट कर और कॉपी किताब और बैग देकर स्वागत किया. सांसद ने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले मेधावी विद्यार्थियों और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया.
37 बंद स्कूल फिर से खुले
शाला प्रवेशोत्सव का प्रमुख आकर्षण बीजापुर में अलग अलग दूरस्थ क्षेत्रों में लंबे समय से बंद पड़े 37 विद्यालयों का पुनः संचालन रहा. सांसद कश्यप ने इन विद्यालयों के पुनः संचालन का शुभारंभ करते हुए कहा कि इससे दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को अपने गांव के पास शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा.

बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की अपील
सांसद ने कहा कि शिक्षा समाज और राष्ट्र के विकास की मजबूत नींव है. केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं और 37 विद्यालयों का पुनः संचालन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. महेश कश्यप ने अभिभावकों से बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने और शिक्षकों से समर्पित भाव से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का आह्वान किया.

बालिका शिक्षा पर विशेष जोर
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे ने कहा कि जिला प्रशासन प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है. वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने बालिका शिक्षा पर विशेष जोर देते हुए अभिभावकों से सभी बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की अपील की.

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा, नगर पालिका अध्यक्ष गीता सोम पुजारी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष पुलैया पेरे, नगर पालिका उपाध्यक्ष भुवन सिंह चौहान, जनपद पंचायत अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, छात्र-छात्राएं, पालक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे.


