सवाई माधोपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, आरपीएफ कांस्टेबल 70 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
आरपीएफ कांस्टेबल मोहम्मद नदीम कुरेशी चोरी के मामले में मुल्जिम नहीं बनाने की एवज में 70,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार.

Published : August 31, 2026 at 7:42 PM IST
सवाई माधोपुर: एसीबी की टीम ने आरपीएफ के आरक्षक को 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी सवाई माधोपुर इकाई द्वारा सोमवार को कार्रवाई करते हुए रेलवे पुलिस चौकी लाखेरी में पदस्थापित आरक्षक मोहम्मद नदीम कुरेशी को परिवादी से 70 हजार रुपये की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है.
मुल्जिम नहीं बनाने के बदले मांगी रिश्वत: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वर परिहार ने बताया कि ब्यूरो को एक शिकायत मिली थी कि परिवादी पर रेलवे पुलिस चौकी लाखेरी में रेलवे सामान की चोरी के एक मामले में मुल्जिम नहीं बनाने का दबाव बनाया जा रहा था. इसके एवज में आरोपी द्वारा 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि की मांग कर उसे परेशान किया जा रहा था. परिवादी ने आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़वाने के लिए एसीबी में शिकायत दर्ज कराई. इस शिकायत पर एसीबी ने 25 अगस्त को रिश्वत की मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया गया. सत्यापन के दौरान आरोपी आरक्षक मोहम्मद नदीम कुरेशी द्वारा परिवादी की तारीख पेशी के समय सवाई माधोपुर रेलवे स्टेशन पर चोरी के मामले में मुल्जिम नहीं बनाने की एवज में रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई.
इसे भी पढ़ें- 6 हजार की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, पट्टा ऑनलाइन करने और मौका देखने के लिए मांगी थी घूस
70 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार: रामेश्वर परिहार ने बताया कि परिवादी के अनुरोध पर आरोपी पहले 80 हजार रुपये और बाद में अधिक निवेदन करने पर 70 हजार रुपये रिश्वत लेने पर राजी हो गया. इसके बाद आज रिश्वत की मांग के अनुसार आरोपी मोहम्मद नदीम कुरेशी ने परिवादी से संपर्क किया और उसके घर पर रिश्वत राशि लेने आने की बात कही. इस पर एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर ट्रैप की कार्रवाई की और आरोपी को परिवादी से 70 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. एसीबी की टीम ने रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली है.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज: यह ट्रैप कार्रवाई एसीबी भरतपुर रेंज के उप महानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वर परिहार की टीम द्वारा की गई. वहीं, एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक पुलिस एस परिमला के सुपरविजन में मानटाउन थाने में आरोपी से पूछताछ तथा आगे की कार्रवाई की जा रही है. एसीबी द्वारा इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर आगे का अनुसंधान किया जाएगा.
इसे भी पढ़ें- विराटनगर तहसीलदार, कनिष्ठ सहायक और दलाल के साथ ट्रैप, 55 हजार की रिश्वत लेते एसीबी ने दबोचा

