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छोटी उम्र में सात्विक चंद्राकर का बड़ा कमाल, पैरालाइज्ड पर्सन के लिए एआई बेस्ड लाइफ सूट , दिल्ली में हुआ प्रेजेंटेशन

रायपुर के सात्विक चंद्राकर ने छोटी उम्र में बड़ा कारनामा किया है. सात्विक ने पैरालाइज्ड लोगों के लिए एआई बेस्ड लाइफ सूट तैयार किया है.

Satvik chandrakar great achievement in young age
छोटी उम्र में सात्विक चंद्राकर का बड़ा कमाल (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 27, 2026 at 9:06 PM IST

5 Min Read
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रायपुर : रायपुर के कांदुल में रहने वाले 14 साल के सात्विक चंद्राकर ने लकवा ग्रस्त मरीजों के लिए एआई बेस्ड लाइफ सूट तैयार किया है. सात्विक चंद्राकर केपीएस स्कूल में कक्षा नवमी के छात्र हैं. शुरू से सात्विक को इनोवेशन और प्रोजेक्ट में रुचि है,इसी वजह से वो छोटी उम्र से ही कुछ नया करने की कोशिश करते रहे हैं.

पैरालाइज्ड लोगों को देखकर मन में आया विचार

जिस एआई बेस्ड लाइफ सूट को सात्विक ने बनाया है,उसे उन्होंने स्कूल प्रोजेक्ट के दौरान तैयार किया था. सात्विक का प्रोजेक्ट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 से 21 फरवरी तक आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल हुआ. AI बेस्ड लाइफ सूट बनाने वाले सात्विक चंद्राकर ने कहा कि जब हमने सोसाइटी में देखा कि इतने सारे लोग हैं जिनके हैंड मूव नहीं कर पा रहे हैं. कुछ लोग एक्सीडेंट की वजह से या फिर कुछ लोग स्ट्रोक की वजह से.

सात्विक चंद्राकर का कारनामा (ETV BHARAT)

मैंने एक महीने तक रिसर्च किया तब मुझे पता चला कि रिहैब आज कितना महंगा हो गया है. वैसे तो मैं एक रोबोट बना रहा था. उस दौरान मेरी मम्मी ने मुझे बताया कि कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिसके बाद मेरी रुचि बढ़ी और मैं रिसर्च किया. उसके बाद मुझे ऐसा आइडिया आया कि ऐसे लोगों के लिए कुछ तो ऐसे मशीन तैयार किए जा सकते हैं - सात्विक चंद्राकर, इनोवेटिव स्टूडेंट

AI based life suit
सात्विक चंद्राकर का बड़ा कमाल (ETV BHARAT CHHATTISGARH)


दिल्ली के आयोजन से सात्विक हुए खुश

सात्विक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में हार्टट्रीट मॉनिटरिंग, हैंड्स की एंगल मॉनिटरिंग जो लोकल होस्ट होता है. ऑटोमेटिक रिहैब कराता है. इसको बनाने में लगभग 8 हजार रुपए खर्च करने पड़े. दिल्ली में आयोजित हुए अंतरराष्ट्रीय AI समिट में मैंने भी हिस्सा लिया था. मुझे काफी अच्छा लगा. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक अच्छा इवेंट कराया था. इंडिया के सभी स्टार्टअप्स इनोवेटर्स कंपनिज जो AI पर इनोवेट कर रही हैं, उन्हें एक अच्छा मौका और मंच अपने सभी प्रोजेक्ट को शो करने का मिला.

AI based life suit
एआई बेस्ड लाइफ सूट (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

टॉप 50 में सात्विक ने बनाई जगह

सात्विक के मुताबिक उन्होंने सभी कंपनी के प्रोजेक्ट देखें. सात्विक ने बताया कि दिल्ली में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय AI समिट के लिए एक ऑनलाइन एंटरप्रेन्योर कॉम्पटीशन का आयोजन हुआ था, जिसमें टॉप 50 में सलेक्शन हुआ था. इस प्रोजेक्ट को बनाने में उनके मम्मी पापा का पूरा सपोर्ट रहा, जिसकी वजह से वो वहां तक पहुंच सके. सात्विक के पिता ऋषिकांत चंद्राकर ने बताया कि प्रोजेक्ट ऑटोमेटिक रिहैबिटेशन के लिए बनाया है. यह प्रोजेक्ट अभी प्रोपोटाइप है. इसकी शुरुआत स्कूल के प्रोजेक्ट बनाने से हुई थी. साइंस सब्जेक्ट के लिए प्रोजेक्ट बनाता रहा है. यह एआई बेस्ड प्रोजेक्ट सात्विक का छठवां प्रोजेक्ट है.

AI based life suit for paralyzed person
परिवार ने दिया सात्विक का भरपूर साथ (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

इस प्रोजेक्ट को सात्विक ने पिछले साल गर्मी की छुट्टियों में बनाना शुरू किया था. इस प्रोजेक्ट की शुरुआत सात्विक ने घर के स्क्रैप के समान से बनाना शुरू किया था. जिसमें छोटे-छोटे मशीन लगाकर एक्सपेरिमेंट किया. इसके बाद आज इस तरह का स्वरूप इस प्रोजेक्ट का देखने को मिला है- ऋषिकांत चंद्राकर, सात्विक के पिता

AI based life suit for paralyzed person
पैरालाइज्ड पर्सन के लिए एआई बेस्ड लाइफ सूट (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

सात्विक के पिता ने बताया कि किसी भी प्रोजेक्ट को जब सात्विक बनाता था तो उसमें परिवार के लोगों का पूरा सपोर्ट रहा है. इन चीजों में शुरू से सात्विक का इंटरेस्ट भी रहा है. इस तरह के प्रोजेक्ट बनाकर सात्विक आगे जाना चाहता है तो हम जरूर भेजेंगे. प्रोजेक्ट के साथ-साथ सात्विक की पढ़ाई भी जरूरी है. क्योंकि अभी वह कक्षा नवमी का स्टूडेंट है. प्रोजेक्ट और स्कूल के साथ ही सात्विक की रुचि थोड़ा बहुत स्पोर्ट्स में बैडमिंटन और साइकलिंग में है. सात्विक का ज्यादातर ध्यान इनोवेशन पर रहता है. बच्चा इस तरह का अचीवमेंट करता है तो परिजनों को इससे काफी खुशी मिली है. इसके साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से स्कूल से भी सात्विक को सहयोग मिला.

Satvik  work got appreciation
सात्विक के काम को मिली सराहना (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

इंजीनियर बनना चाहते हैं सात्विक

एआई बेस्ड लाइफ सूट बनाने में सात्विक चंद्राकर को 10 महीने का समय लगा. सात्विक आगे भी इस तरह के प्रोजेक्ट बनाने के साथ ही अपनी पढ़ाई को भी जारी रखेंगे. सात्विक का लक्ष्य इंजीनियर बनने का है, जिस तरह से उसने प्रोजेक्ट बनाने की शुरुआत की है आने वाले दिनों में इंजीनियर बनने का उनका यह सपना भी साकार हो सकता है.

Satvik presentation in Delhi
दिल्ली में सात्विक का प्रेजेंटेशन (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

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