सतनाम सद्भाव पदयात्रा : बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे–मनखे एक समान से गूंज रहा वातावरण, मेले में ऐप इस्तेमाल की हुई सराहना
बलौदाबाजार में सतनाम सद्भाव पदयात्रा को भारी समर्थन मिल रहा है. तीसरे दिन संडी में सामूहिक भोजन के बाद यात्रा शुरु की गई.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 20, 2026 at 6:16 PM IST
बलौदाबाजार : आस्था, समरसता और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम इन दिनों छत्तीसगढ़ की धरती पर देखने को मिल रहा है. परम् पूज्य गुरु घासीदास बाबा के पावन आशीर्वाद और राजगुरु धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब के सानिध्य में आयोजित विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा को भारी जनसमर्थन मिल रहा है. बोल रहा अब हिंदुस्तान, मनखे–मनखे एक समान के गगनभेदी जयघोष ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया. ये पदयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का जीवंत संदेश बनकर उभर रही है.
संडी से पलारी तक तीसरे दिन की यात्रा
तीसरे दिवस की शुरुआत बलौदाबाजार जिले के संडी में सामूहिक भोजन के साथ हुई. भोजन के बाद पदयात्रा संडी से आगे बढ़ते हुए पलारी की ओर प्रस्थान करेगी, जहां रात्रि विश्राम का कार्यक्रम निर्धारित है. हर दिन की तरह तीसरे दिन भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पदयात्रा में शामिल हो रहे हैं.कई लोग परिवार सहित पैदल चल रहे हैं. युवाओं में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है.


सामाजिक समरसता का सशक्त संदेश
पदयात्रा का मूल उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है. यह अभियान समाज में समानता और एकता की भावना को मजबूत करने का माध्यम बन चुका है. “मनखे–मनखे एक समान” का संदेश सीधे तौर पर सामाजिक भेदभाव के खिलाफ खड़ा होता है. यह यात्रा बाबा गुरु घासीदास के उस सिद्धांत को पुनः स्थापित करती है, जिसमें मानवता को सर्वोपरि माना गया है. जानकारों का मानना है कि ऐसे आयोजन सामाजिक तनाव को कम करने और सामूहिक पहचान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं.
गिरौदपुरी मेला को लेकर ऐप किया गया लॉन्च
वहीं गिरौदपुरी मेला को लेकर गुरू बालकदास के कुशल मार्गदर्शन में पहली बार एक एप का लांच किया गया है. जिससे मेला आने वाले दर्शनार्थियों को एप में पानी बिजली विश्रामगृह, मंदिर, छाता पहाड़, अमृतकुंड सहित पूरे गिरौदपुरी की जानकारी के साथ सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी दी गई है जो कि गिरौदपुरी धाम पहुंचने वाले दर्शनार्थियों के लिए एक बड़ी सुविधा है.
गिरौदपुरी मेले में डिजिटल पहल प्रदेश के लिए एक मिसाल है. लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में व्यवस्थाओं को सुचारू रखना बड़ी चुनौती होती है, और इस दिशा में वेबसाइट व मोबाइल ऐप की शुरुआत महत्वपूर्ण कदम है.अब श्रद्धालु एक क्लिक में सभी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे. इससे समय की बचत होगी, भीड़ प्रबंधन बेहतर होगा और आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सकेगी- खुशवंत साहेब, कैबिनेट मंत्री
बाबा गुरु घासीदास ने सदैव समाज को जागरूक और संगठित रहने का संदेश दिया. यदि नई तकनीक समाज के कल्याण में सहायक बनती है, तो उसे अपनाना चाहिए.यह पहल केवल सुविधा नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है- गुरु बालदास साहेब
दूसरे दिन भी उमड़ा था जनसैलाब
दूसरे दिन पदयात्रा की शुरुआत सारागांव से हुई थी. वहां से यात्रा बंगोली, पिकरीडीह, माठ, खरोरा, बुड़ेरा, सिर्री, कनकी, पाड़ाभाट, भैंसा और भैंसमुड़ी होते हुए पावन भंडारपुरी धाम पहुंची. मार्ग के हर पड़ाव पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा. गांव-गांव में पुष्पवर्षा, आतिशबाजी और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ भव्य स्वागत किया गया. मातृशक्ति, युवा साथियों और सर्व समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई. जगह-जगह स्वागत मंच सजे, जहां पदयात्रियों का अभिनंदन किया गया. पंथी दलों की सुसज्जित प्रस्तुतियों ने श्रद्धा का रंग और गहरा कर दिया. अखाड़ा दलों ने शौर्य प्रदर्शन कर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया.


प्रशासन की विशेष व्यवस्था
इतने बड़े आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की विशेष व्यवस्था की गई है.सुरक्षा बल पदयात्रा के साथ लगातार तैनात हैं. चिकित्सा दल, एंबुलेंस सेवाएं और प्राथमिक उपचार की सुविधाएं भी साथ चल रही हैं. गर्मी और भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की सतत निगरानी की जा रही है. आयोजन में अनुशासन और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे हजारों श्रद्धालु सुरक्षित रूप से यात्रा में शामिल हो सके.
रायपुर में कट्टा दिखाकर अपहरण, 4 दिनों तक बंधक बनाकर पीटा, दो लोगों को पुलिस ने छुड़ाया
अंधे कत्ल की गुत्थी पुलिस ने सुलझाई, पूर्व सांसद के कर्मचारी की हत्या का खुलासा
सरगुजा में डॉग बाइट के चौंकाने वाले आंकड़े, जानिए रेबीज के जबड़े से बचने के उपाय

