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सतना में स्वस्थ होकर घर लौटे ट्रिपलेट बच्चे, परिवार ने जताई खुशी, कम वजन के चलते थे भर्ती

सतना में 21 नवंबर को जन्म महिला ने दिया था ट्रिपलेट को जन्म, 1 महीने बाद स्वस्थ होकर बच्चे लौटे घर, परिजनों ने जताई खुशी.

SATNA TRIPLET BABIES DISCHARGED
सतना में स्वस्थ होकर घर लौटे ट्रिपलेट बच्चे (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : December 31, 2025 at 2:15 PM IST

4 Min Read
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सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिला अस्पताल में बीते माह एक अनोखा मामला सामने आया था. जहां एक महिला प्रसूता ने एक साथ 3 नवजात को जन्म दिया था. तीनों नवजात शिशु की हालत कमजोर होने पर करीब डेढ़ माह तक उनका चला इलाज. अब तीनों नवजात एकदम स्वस्थ होकर वापस अपने घर लौट आए हैं. जिससे परिजनों के चेहरे में खुशियां लौट आई. तीनों बच्चों ने 2 घंटे के अंतराल में जिला अस्पताल में जन्म लिया था. अब उन्हें अपने घर रवाना किया गया. वहीं परिजनों ने डॉक्टर को धन्यवाद कहा है.

21 नवंबर को मैहर की महिला ने दिया था 3 बच्चों को जन्म

सतना के सरदार वल्लभ भाई पटेल जिला अस्पताल में बीते माह 21 नवंबर को मां ने तीन बच्चों को जन्म दिया था. मैहर के बुढेरुआ ग्राम निवासी रंजना पटेल उम्र 28 वर्ष को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां रंजना ने 21 नवंबर की शाम 4 बजे एक बच्चे को जन्म दिया. उसके बावजूद भी लेबर पेन बंद नहीं हुआ. इसके बाद प्रसूता ने करीब दो घंटे बाद 2 और बच्चों को जन्म दिया है. इनमें एक बेटी और 2 बेटे हैं.

मां ने बच्चों के स्वस्थ होने पर जताई खुशी (ETV Bharat)

कम वजन के चलते 1 माह से अस्पताल में भर्ती थे बच्चे

लोगों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ था. तीनों नवजात बच्चों में से एक बच्चे का वजन 1 किलो 600 ग्राम, दूसरा 1 किलो 400 ग्राम, वहीं तीसरा बच्चा 1 किलोग्राम का है. तीनों बच्चों का वजन कम होने के चलते उन्हें जिला अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा (इंटेंसिव केयर यूनिट) इकाई में भर्ती कराया गया था. जहां पर उनका इलाज करीब डेढ़ माह तक जारी रहा, लेकिन अब तीनों मासूम नवजात शिशु एकदम स्वस्थ हो चुके हैं.

जिसके बाद उन्हें जिला अस्पताल से अपने घर के लिए रवाना कर दिया गया है. तीनों नवजात बच्चों के पूरी तरह स्वस्थ होने पर उनके परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं है. माता-पिता और परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ जताया.

स्वस्थ होने पर तीनों बच्चों भेजा घर, परिजन खुश

वहीं इस बारे में नवजात गहन चिकित्सा इकाई के इंचार्ज एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुधांशु गर्ग ने बताया कि "हमारे जिला अस्पताल में 21 नवंबर 2025 को मैहर की निवासी रंजना पटेल नाम की प्रसूता ने 3 बच्चों को जन्म दिया था. जन्म के बाद तीनों की हालत नाजुक थी. साथ ही तीनों का वजन कम होने की वजह से उन्हें नवजात गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया था. करीब डेढ़ माह तक तीनों नवजातों का इलाज चला और अब उन्हें अपने माता-पिता के साथ घर भेज दिया गया है.

जिला अस्पताल कराता है आशा कार्यकर्ताओं का विजट

इसमें मुख्य बात यह है कि जब भी कोई नवजात जिला अस्पताल में जन्म लेता है, तो उसकी मॉनिटरिंग करीब 1 वर्ष तक की जाती है. परिजनों को फॉलोअप कार्ड दिया जाता है. इसके साथ ही आशा कार्यकर्ता को विजिट के लिए ग्रीन कार्ड भी दिया जाता है. जिसमें आशा कार्यकर्ता समय-समय पर घर जाकर बच्चों की जानकारी इकट्ठी करती हैं. किसी प्रकार से अस्वस्थ होने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया जाता है. एक महीने तक आशा कार्यकर्ता हर दूसरे दिन जाकर बच्चे को देखती हैं. इसके बाद सप्ताह में एक दिन वह विजिट करती हैं.

मां और बच्चे भी आते हैं अस्पताल, अस्पताल प्रबंधन की मॉनिटरिंग

वहीं मां और बच्चे को भी अस्पताल बुलाया जाता है. उन्हें पहली बार सप्ताह में एक बार, दूसरी बार 1 माह, फिर तीन माह, फिर 6 माह और फिर एक वर्ष में जिला अस्पताल बुलाया जाता है. यानी एक वर्ष तक हर बच्चों की मॉनिटरिंग अस्पताल प्रबंधन व आशा कार्यकर्ता द्वारा की जाती है. इमसें विशेष रूप से जो बच्चे कम वजन और ज्यादा कमजोर होते हैं. उन्हें प्रायोरिटी में रखा जाता है. उनकी हर दूसरे दिन आशा विजिट कराई जाती है.