घायल डॉक्टर को सतना के सरकारी अस्पताल में नहीं मिला इलाज, ट्रेनी डॉक्टरों ने किया काम बंद
सतना में घायल ट्रेनी महिला डॉक्टर के इलाज में लापरवाही का आरोप, अन्य साथियों ने की हड़ताल, इलाज के लिए जाना पड़ा निजी अस्पताल.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : December 30, 2025 at 9:25 PM IST
सतना: इंटर्न महिला डॉक्टर के इलाज में लापरवाही को लेकर ट्रेनी डॉक्टरों ने जिला अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया. सभी ट्रेनी डॉक्टर मंगलवार को हड़ताल पर चले गए. इसके साथ ही मांग पूरी नहीं किए जाने तक वापस काम पर नहीं लौटने की चेतावनी दी है. सोमवार को सतना के ही जिला अस्पताल में ट्रेनिंग ले रही एक डॉक्टर सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थी. जिसके इलाज में देरी और लापरवाही का आरोप लगाया जा रहा है.
ट्रेनी डॉक्टर के इलाज में लापरवाही का आरोप
घायल महिला डॉक्टर सतना के सरदार वल्लभभाई पटेल जिला चिकित्सालय में इंटर्नशिप कर रही हैं. जिन्हें उसी अस्पताल में उपचार नहीं मिला और उन्हें एक निजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा. जिसके बाद पूरे अस्पताल के ट्रेनी डॉक्टर हड़ताल पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए इंसाफ की मांग की है. इंटर्न डॉक्टर, डॉ श्रेयस पांडेय ने कहा कि "जब डॉक्टर को ही जिला अस्पताल में उपचार नहीं मिल पा रहा है, तो हम पेशेंट को कैसे सेव करेंगे. जब तक मामले में कार्रवाई नहीं होगी, तब तक काम पर नहीं जायेंगे."
सीटी स्कैन में देरी करने का आरोप
शहर के जवाहर नगर के पास एक महिला ट्रेनी डॉक्टर, डैनी ऑटो पलटने से गंभीर रूप से घायल हो गई थी. जिसके सिर में गंभीर चोटें आई थी. इसके इलाज के लिए उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया. इस पर इंटर्न डॉक्टर, डॉ. यूनिका सोडी ने कहा कि "जिला चिकित्सालय में सही तरीके से उसे उपचार नहीं मिला और सीटी स्कैन में ले जाने के समय सीटी स्कैन इंचार्ज एवं स्टाफ ने हमारे साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया. वहीं, सीटी स्कैन के लिए करीब 20-25 मिनट से अधिक समय तक रोका गया. जिसके बाद उसे निजी अस्पताल में ले जाना पड़ा."
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'आरोपों की जांच कर होगी उचित कार्रवाई'
इस मामले पर जिला अस्पताल के प्रशासक आरएमओ डॉ. शरद दुबे ने बताया कि "कल डॉ. डैनी सड़क दुर्घटना में घायल हुई थी, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था. उनके सिर में गंभीर चोटें होने पर उन्हें सीटी स्कैन के लिए भेजा गया था. जिसमें लेट होने की बात बताई जा रही हैं. लेकिन वजह यह है कि सीटी स्कैन मशीन में एक पेशेंट पहले से था. जिसकी वजह से थोड़ा समय लगा. वहीं, ट्रेनी डॉक्टरों के आरोपों पर जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज द्वारा जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी."

