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धान पंजीयन का सत्यापन न होने पर फूटा किसानों का गुस्सा, सड़कों पर किया चक्का जाम

सतना में सैकड़ों सिकमी किसानों का धान पंजीयन का सत्यापन रुका, नाराज किसानों ने किया चक्का जाम. धरना जारी रखने की दी चेतावनी.

SATNA SIKMI FARMER PROTEST
सतना में नाराज किसानों ने किया चक्का जाम (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 8:40 PM IST

2 Min Read
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सतना: मध्य प्रदेश के सतना में धान पंजीयन का सत्यापन न होने और धान की तौल के बाद खरीदी की अनियमितता से नाराज सिकमी किसान सड़कों पर उतर आए. किसानों ने सर्किट हाउस चौराहे पर चक्का जाम कर दिया. चक्का जाम की सूचना मिलने पर तुरंत एसडीएम, डीएसपी ट्रैफिक और सीएसपी टीआई मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्या सुनी.

किसानों ने किया चक्का जाम

किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिले भर के अंदर सिकमी किसान के धान का पंजीयन सत्यापन नहीं हो रहा है. जिसके चलते धान की तोल के बाद भी खरीदी रुकी हुई है. किसान इससे बेहद परेशान हैं. इससे नाराज किसान शहर के मुख्य चौराहे सर्किट हाउस में सड़कों पर उतर आए और चक्का जाम कर दिया.

सतना में 600 किसानों का नहीं हो रहा स्टॉल बुकिंग (ETV Bharat)

600 किसानों का नहीं हो रहा स्टॉल बुकिंग

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान विक्रय के लिए सभी किसानों ने कुछ रकबा का सिकमी बटाई के माध्यम से पंजीयन कराया था. जिसे खाद्य आपूर्ति अधिकारी द्वारा पूर्ण दस्तावेज न होने का हवाला देकर असत्यापित कर दिया गया. जिसके कारण जिले भर के करीब 600 किसानों का स्टॉल बुकिंग नहीं हो रहा है. धान खरीदी के लिए सिर्फ 2 दिन का समय बचा हुआ है. ऐसे में अगर स्लॉट बुक नहीं हुआ तो किसान अपना धान नहीं बेच पाएंगे.

किसानों ने दी धरना जारी रखने की चेतावनी

शासन स्तर पर किसानों से 2369 रुपए में धान खरीदा जाता है. वहीं व्यापारियों द्वारा धान खरीदी 10 से 12 रुपए प्रति किलो की जाती है. ऐसे में किसानों की लागत भी नहीं निकल पाएगी. जिसकी वजह से मंगलवार को किसान सड़कों पर उतरे. प्रदर्शन कर रहे किसानों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर इच्छा मृत्यु की मांग की. मांग पूरी नहीं होने तक धरना जारी रखने की बात कही.

वहीं, इस मामले में जिला आपूर्ति अधिकारी सम्यक जैन ने बताया कि "धान पंजीयन सत्यापन नहीं होने से सिकमी किसान परेशान हैं. जिले भर में सिकमी के करीब 600 किसान हैं. ये भोपाल स्तर का मामला है. इसमें जो भी शासन से निर्णय होगा हम उस पर किसानों की मांग पूरी करने का प्रयास करेंगे."