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सतना केंद्रीय जेल में हर-हर महादेव की गूंज, सावन में बंदियों ने किया 1.25 लाख शिवलिंग का निर्माण

सतना केंद्रीय जेल में दिखा भोलेनाथ की भक्ति का माहौल. कैदियों ने 1.25 लाख शिवलिंग बनाकर की पूजा और जलाभिषेक. प्रदीप कश्यप की रिपोर्ट.

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सतना केंद्रीय जेल में गूंजा हर हर महादेव (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 23, 2026 at 5:15 PM IST

2 Min Read
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सतना: सावन का महीना भगवान भोलेनाथ का महीना माना जाता है. इस महीने में भक्त खूब जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं. सावन की दशमी तिथि पर रविवार को सतना केंद्रीय जेल में कैदियों के लिए शिवलिंग पूजा और जलाभिषेक की व्यवस्था की गई. इस अवसर पर जेल में भक्तिमय माहौल देखने को मिला. जहां कैदी बेहद उत्साहित नजर आए.

1.25 लाख शिवलिंग का निर्माण

सतना केंद्रीय जेल में करीब 1700 कैदियों ने 1.25 लाख मिट्टी के शिवलिंग का निर्माण किया. इसके बाद सावन की दशमी तिथि पर रविवार को शिवलिंग की पूजा अर्चना कर दूध, गंगाजल, बेलपत्र और फल-फूल अर्पण कर जलाभिषेक किया. इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें शिव पूजा को लेकर कैदी बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं. इसमें महिला बंदियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

बंदियों ने किया 1.25 लाख शिवलिंग का निर्माण (ETV Bharat)

मानसिक स्थिरता और अच्छे विचार

बंदियों की माने तो जेल में ऐसे कार्य होने से उन्हें मानसिक स्थिरता और अच्छे विचार मन में पैदा होते हैं. इसके पूर्व जेल में बंदियों के बीच श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन होने से वह बेहत उत्साहित थे. वहीं शिव पूजा में भी सभी बंदियों ने नाचने गाने के साथ शिवलिंग की बारात भी निकाली.

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शिवलिंग निर्माण में महिला कैदियों ने लिया हिस्सा (ETV Bharat)

श्रावण मास की दशमी तिथि पर कार्यक्रम

जेल अधीक्षक लीना कोष्टा ने बताया, "श्रावण मास की दशमी तिथि के उपलक्ष्य में रविवार को केंद्रीय जेल सतना में करीब सवा लाख शिवलिंग निर्माण का कार्यक्रम किया गया था. बंदियों द्वारा बहुत ही उत्साह पूर्वक शिवलिंग निर्माण किया गया और जलाभिषेक के साथ पूजन अर्चन किया गया."

satna jail shivling jalabhishek puja
कैदियों ने डांस कर मनाया खुसिया (ETV Bharat)

उन्होंने आगे कहा, "निश्चित रूप से इस प्रकार के आध्यात्मिक कार्यक्रम होते रहते हैं. जिससे बंदियों की मानसिक स्थिति भी ठीक रहती है. बंदियों के विचारों में परिवर्तन के उद्देश्य से इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है. इससे रविवार को बंदियों के मन में बेहद उत्साह था. इसमें महिला और पुरुष दोनों कैदियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस दौरान पूरा जेल परिसर भक्तिमय नजर आ रहा था."