चित्रकूट में हर ओर बाढ़ से तबाही के निशां मौजूद, घरों और सड़कों से मलबा हटाने उतरी टीमें
चित्रकूट में बाढ़ से सैकड़ों लोगों की गृहस्थी का सामान तबाह. नुकसान का सर्वे शुरू. मंदाकिनी का जलस्तर फिर बढ़ा. प्रदीप कश्यप की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 31, 2026 at 3:54 PM IST
सतना (चित्रकूट) : चित्रकूट में भारी बारिश से आई बाढ़ से हुई तबाही के निशान मौजूद हैं. मंदाकिनी नदी किनारे सहित पूरे चित्रकूट में बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है. घरों के साथ ही सड़कों पर कीचड़ जमा है. लोग अभी भी सहमे हुए हैं. 3 से 4 दिन तक जनजीवन अस्त-व्यस्त रहने के बाद लोग सामान्य दिनचर्या शुरू करने की कोशिश में हैं. वही, प्रशासन ने चित्रकूट की सड़कों पर भरा पड़ा मलबा और कीचड़ हटाने का का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया. चित्रकूट में रविवार रात भी रिमझिम बारिश होती रही.
जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर
रुक-रुककर हो रही बारिश से जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. प्रशासन के मुताबिक मंदाकिनी नदी की मौजूदा स्थिति में बाढ़ का अधिकतम स्तर 139.60 मीटर है. सोमवार सुबह आरोग्य धाम के पास सुबह 6 बजे पानी का लेवल 137.05 मीटर है. बाढ़ पीड़ित लोगों के लिए भोजन पैकेट पैकेट की व्यवस्था की जा रही है. टैंकर से पेयजल उपलब्य कराया जा रहा है. सड़कों से कीचड़ को हटाने के लिए नगर परिषद चित्रकूट सहित सतना नगर निगम की टीमें जुटी हैं. बाढ़ पीड़ितों के मकान एवं उनके नुकसान का सर्वे प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कराया जा रहा है.
क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों का निरीक्षण
शनिवार को आई बाढ़ ने सैकड़ों लोगों को गहरे जख्म दिए हैं. घरों में पानी भरने से सैकड़ों लोगों की गृहस्थी का सामान तबाह हो गया है. रविवार को जल स्तर कम होने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाढ़ग्रस्त का इलाकों का जायजा पैदल चलकर लिया. सोमवार को चित्रकूट पहुंचे पीडब्लूडी (सेतु विभाग) के चीफ इंजीनियर गोपाल सिंह द्वारा क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों का निरीक्षण किया गया. बाढ़ से दर्जनभर से अधिक पुल-पुलिया और रपटे टूट चुक हैं.

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कई सड़क मार्गों का संपर्क कटा

कई मार्ग पर अभी भी आवागमन बाधित है. मझगवा पिंडरा पुलिया, नयागांव पुल, रामपुर बाघेलान, सोहावल सहित कई जगहों पर रपटे, पुलिया टूट चुकी हैं. इनका फिर से निर्माण करने के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जा रहा है. सतना कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने बताया "सोमवार सुबह मंदाकिनी नदी का जल स्तर बढ़ा था, जो करीब 137 मीटर पहुंच गया. कुछ घंटे से बारिश रुकने से अभी जल स्तर थोड़ा कम हुआ है. सड़कों की साफ-सफाई, बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन पैकेट, टैंकर से पेयजल एवं स्वास्थ्य चेकअप के साथ ही नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है."

