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6 मासूम बच्चों के HIV पॉजिटिव मामले में जांच शुरू, स्टेट ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल की टीम पहुंची सतना

सतना में एचआईवी संक्रमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन मामले की जांच के लिए पहुंची 7 सदस्यों की टीम, पूर्व विधायक ने राज्य सरकार पर लगाए गंभीर आरोप.

MP CHILD HIV POSITIVE INVESTIGATION
6 मासूम बच्चों के HIV पॉजिटिव मामले में जांच शुरू (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : December 17, 2025 at 11:04 PM IST

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सतना: थैलेसीमिया से पीड़ित 6 बच्चों को एचआईवी संक्रमित ब्लड ट्रांसफ्यूजन के मामले में पूरे देशभर में हड़कंप मचा हुआ है. जिसको लेकर बुधवार को स्टेट ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल अथॉरिटी की 7 सदस्यों की टीम जिला अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंची. टीम इस मामले में ब्लड बैंक के प्रभारी एवं पैथोलॉजिस्ट डॉ. देवेंद्र पटेल से पूछताछ कर रही है.

बच्चों को एचआईवी संक्रमित ब्लड चढ़ाने की जांच शुरू

सतना में थैलेसीमिया के 6 मासूम बच्चे एचआईवी संक्रमित ब्लड चढ़ाए जाने के मामले में जांच को लेकर स्टेट ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल की टीम सतना पहुंची. टीम, जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में सुबह से लेकर शाम तक जांच में जुटी रही. अभी तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है. इस दौरान रैगांव विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक कल्पना वर्मा भी महिला कांग्रेस की टीम के साथ जिला अस्पताल पहुंची. उन्होंने ब्लड बैंक में जाकर जांच कर रही टीम से जांच के विषय में जानकारी ली.

स्टेट ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल की टीम पहुंची सतना (ETV Bharat)

7 सदस्यों की टीम कर रही है जांच

इस मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज शुक्ला का कहना है कि "थैलेसीमिया के जो बच्चे एचआईवी पॉजिटिव पाए गए थे, उसको लेकर बुधवार को ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल अथॉरिटी की 7 सदस्य टीम सतना जिला चिकित्सालय पहुंची थी. जिसको लेकर टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है. टीम अपने स्तर पर जांच कर रही है. इसके अलावा सतना में भी जिला स्तर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच की जा रही है. वहीं, इस मामले पर नोडल अधिकारी को भी नोटिस जारी किया गया है."

पूर्व विधायक ने राज्य सरकार पर साधा निशाना

पूर्व विधायक कल्पना वर्मा ने जांच में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई तरह के सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, "हमें जानकारी मिली की जांच के लिए टीम पहुंची है तो हम लोग भी जांच का अपडेट लेने पहुंचे हैं. मासूम बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है और सरकार जांच के लिए टाइम मांग रही है. इससे आम लोगों का सरकारी हॉस्पिटल से भरोसा उठ रहा है."

उन्होंने आगे कहा, "इतने संवेदनशील मामले में अभी तक जांच ही नहीं हो पाई जबकि ये मामला 4 माह पुराना है. ये दुर्भाग्य की बात है कि 6 मासूमों की जिंदगी का सवाल है, लेकिन सरकार की आंखें नहीं खुल रही हैं. ये सरकार की बहुत बड़ी लापरवाही है."