सरिस्का में एक ही दिन में पांच टाइगर दिखे, रणथंभौर में शावकों के साथ दिखी बाघिन सुल्ताना की सैर
इस पर्यटन सीजन में राजस्थान के प्रमुख टाइगर रिजर्व सरिस्का और रणथंभौर में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ गई है.

Published : January 5, 2026 at 2:07 PM IST
अलवर/सवाईमाधोपुर: पर्यटन सीजन में बाघों की अच्छी साइटिंग होने से सरिस्का और रणथंभौर टाइगर रिजर्व इन दिनों पर्यटकों से गुलजार है. सैलानी नव वर्ष की शुरुआत में टाइगर साइटिंग के अद्भुत नजारे देख गदगद हैं. रविवार का दिन टूरिस्टों के लिए तब यादगार बन गया, जब संभवत: पहली बार सरिस्का में एक ही दिन में पर्यटकों को अलग अलग स्थानों पर पांच टाइगरों की साइटिंग हुई. कुछ दिन पहले सरिस्का में तीन शावकों के साथ एक बाघिन भी दिखाई दे चुकी है. एक दो टाइगर व शावकों की साइटिंग अब सरिस्का में आम बात हो गई है. यही कारण है कि अब देश-विदेश में टाइगर रिजर्व सरिस्का की ख्याति बढ़ रही है. इधर, रणथंभौर में भी मंदिर मार्ग पर बाघिन सुल्ताना अपने शावकों के साथ दिखाई दी.
सरिस्का के कैंटर चालक राजू ने बताया कि रविवार को सरिस्का में पर्यटकों की भरमार रही. नए साल में पहले वीकेंड पर सरिस्का न केवल टूरिस्टों से गुलजार रहा, बल्कि टाइगरों से भी आबाद रहा. इसका नजारा रविवार को सरिस्का में दिखाई दिया, जब सदर रेंज में बाघिन एसटी-9 जोहड़ के पास पानी पीती हुई दिखाई दी. खास बात यह रही कि इस दौरान जोहड़ के दूसरी ओर दो भैंसें भी खड़ी थीं, लेकिन बाघिन को देख भैंसें विचलित नहीं हुईं और न ही भैंसों को देख बाघिन हमलावर हुई. केवल बाघिन व भैंसें एक-दूसरे को देखती रहीं. पर्यटकों को ऐसा अद्भुत नजारा कम ही देखने को मिलता है. इसके अलावा बाघ एसटी-25 भी पर्यटकों को सरिस्का के सदर रेंज में जोहड़ पर पानी पीता दिखाई दिया. इसके अलावा बाघिन टी-23 अपने दो शावकों के साथ अलवर बफर जोन स्थित अंधेरी के जंगल में एनीकट के पास दिखाई दी.
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टाइगरों से गुलजार सरिस्का : पर्यावरणविद् राजेश कृष्ण सिद्ध ने बताया कि टाइगर रिजर्व सरिस्का का जंगल खूबसूरत है और यहां की भौगोलिक स्थिति पर्यटकों को खूब लुभाती है. इस साल अच्छी बारिश होने से सरिस्का में पहाड़ियों से लेकर भू-भाग तक हरियाली छाई हुई है और जलस्रोतों में पानी प्रचुर मात्रा में है. जंगल में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है. वर्तमान में इनकी संख्या 50 हो गई. बफर रेंज में भी टाइगरों की संख्या बढ़कर 11 पहुंच गई है. बाघों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण पर्यटकों को टाइगरों की साइटिंग आसान हो गई है.
रणथंभौर में मंदिर मार्ग में बाघिन का विचरण : रणथंभौर में मंदिर मार्ग पर बाघिन सुल्ताना की आवाजाही से श्रद्धालुओं के लिए खतरा बना हुआ है. वह सोमवार को अपने नवजात शावकों को मुंह में दबाकर मिश्रदर्रा गौमुखी के पास एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाती हुई दिखाई दी. श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने इस दुर्लभ दृश्य को वीडियो में कैद किया. सुरक्षा के मद्देनजर, वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर वाहनों को हटवाया और लगभग एक घंटे के लिए मार्ग का प्रवेश द्वार बंद कर दिया. बाघिन ने हाल ही में मिश्रदर्रा क्षेत्र में दो शावकों को जन्म दिया था. इसके बाद वह बार बार इस मार्ग पर आवाजाही कर रही थी.

