हाथों में काले झंडे लेकर 100 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकला जत्था, पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे की जद से बचाने की मुहिम
समस्तीपुर में लोगों ने पटना पूर्णिया एक्सप्रेस-वे मार्ग बदलने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है. रिपोर्ट- अमित कुमार

Published : August 17, 2026 at 4:05 PM IST
समस्तीपुर: पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे के रूट को लेकर विरोध तेज होने लगा है. उप-मुख्यमंत्री विजय चौधरी के विधानसभा क्षेत्र सरायरंजन में बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन पर उतर आए हैं. इनका आरोप है कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे के मार्ग पर सैकड़ों मकान और एक पुराना शिक्षण संस्थान भी आ गए हैं. लिहाजा सरकार को इसके रूट में बदलाव करना होगा.
100 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकला जत्था: समस्तीपुर में केदार संत रामाश्रय महाविद्यालय सहित 150 आवासीय, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को प्रस्तावित पटना-पूर्णिया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की जद से बचाने की मांग को लेकर सैकड़ों लोगों का जत्था रवाना हो गया है. ये लोग हाथों में काले झंडे लेकर 100 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकल पड़े हैं. इस पदयात्रा का लक्ष्य पटना पहुंचकर सरकार और प्रमुख राजनीतिक दलों के सामने स्थानीय लोगों की समस्याओं और आपत्तियों को रखना है.
"किसी खास व्यक्ति को बचाने के लिए विकास कोई विकास नहीं है. जैसा कि पहले सर्वे हुआ था एनएचएआई का, अगर उस पर एक्सप्रेस-वे बनता तो संभवत: किसी को कोई आपत्ति नहीं होती."- मनीष कुमार, स्थानीय
सरायरंजन में एक्सप्रेस वे रूट का विरोध तेज: सरायरंजन विधानसभा का सबसे प्रभावित होने वाले झखड़ा गांव के अरुण राय ने कहा, 'विकास से कोई दिक्कत नहीं लेकिन इस नए एलाइनमेंट के कारण हमारे घर के साथ ही जोत की जमीन खत्म हो जाएगी. ऐसे में आखिर हमलोग अब क्या करेंगे?'
डिप्टी सीएम से नाराज: लोगों ने स्थानीय विधायक और डिप्टी सीएम विजय चौधरी को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की है. इनका आरोप है कि पिछले साल विधानसभा चुनाव के दौरान विजय चौधरी को जब वोट लेना था तो बोले कि रूट में बदलाव होगा लेकिन अब कुछ नही कर रहे हैं.

"विकास जरूरी है लेकिन ऐसा विकास ठीक नहीं. जब हमलोग ही नही रहेंगे तो कैसा विकास? मंत्री जी ने कहा था कि यह एक्सप्रेस वे साइड चौर से जाएगा लेकिन अब वे भी मुकर गए."- राजेश कुमार, स्थानीय'
'कॉलेज टूटने नहीं देंगे': छात्र कुणाल कुमार ने कहा कि कॉलेज टूटने से सैकड़ों छात्रों का भविष्य अधर में लटक जाएगा. उच्च शिक्षा के लिए अब इन क्षेत्र के छात्रों को 30-40 किलोमीटर दूर जाना पड़ेगा. ऐसे में हमलोगों की मांग है कि कॉलेज टूटने से पहले किसी अन्य जगह पर निर्माण कराया जाए.

क्यों है विरोध?: दरअसल करीब 244.93 किमी लंबे और लगभग 28,415 करोड़ रुपये की लागत से पटना-पूर्णिया सिक्स-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा. यह एक्सप्रेसवे पटना, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और पूर्णिया सहित 6 जिलों के करीब 650 गांवों से होकर निकलेगी. अगर समस्तीपुर जिले की बात करें तो मौजूदा एलाइनमेंट से सरायरंजन अंचल क्षेत्र में सैकड़ों लोगों के रिहायशी मकान और व्यावसायिक दुकानों को हटाना पड़ेगा.
इसके अलावे इस क्षेत्र के प्रमुख शिक्षा संस्थान केएसआर महाविद्यालय के हिस्से भी इस परियोजना की जद में आ रहे हैं. इस क्षेत्र का एकमात्र कॉलेज का अस्तित्व भी खतरे में है. वर्तमान में इस कॉलेज में करीब 1600 विद्यार्थी पढ़ते हैं. वहीं स्थानीय छात्रों की मानें तो इस कॉलेज के प्रभावित होने से विद्यार्थियों को करीब 20 किलोमीटर दूर समस्तीपुर या 30 किलोमीटर दूर दलसिंहसराय जाना पड़ेगा.

स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं. कुछ खास व्यक्ति की जमीन बचाने के लिए ही एलाइनमेंट में 48 से 53 किलोमीटर के बीच सड़क को घुमावदार रूप दे दिया गया है. एलाइनमेंट में बदलाव के कारण अब सरायरंजन बाजार, कॉलेज, कंकालीपुर और झगड़ा गांव में करीब 150 घरों के अलावे कई दुकानों को भी तोड़ना पड़ेगा.
डिप्टी सीएम पर आरोप: एक अंग्रेज अखबार ने दावा किया था कि डिप्टी सीएम विजय चौधरी के करीबी लोगों की जमीन को बचाने के लिए एक्सप्रेस वे के रूट अलाइनमेंट में बदलाव किया गया है. हालांकि उप-मुख्यमंत्री ने आरोपों को बेबुनियाद बताया था. एनएचएआई ने इस संबंध में पत्र भी जारी किया था.
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