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प्रतापगढ़ में शेर खान शुद्धिकरण के बाद बने संतोष शुक्ला, जबरन कराया गया था धर्म परिवर्तन, 10 साल तक बंधक बनाकर रखा

संतोष शुक्ला का आरोप है कि गांव लाने के बाद धर्मांतरण कराया गया. मांस खाने को मजबूर किया. शेर खान नाम से आधार बनवाया गया.

संतोष शुक्ला की घर वापसी हुई.
संतोष शुक्ला की घर वापसी हुई. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : March 1, 2026 at 9:18 PM IST

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प्रतापगढ़ : आश्रम वैदिक मंदिर में शुद्धिकरण के बाद संतोष शुक्ला की घर वापसी हुई. रविवार को वैदिक रीति रिवाज के साथ मंत्रोच्चारण के बीच संतोष ने हिंदू धर्म अपना लिया. बताया गया कि 10 साल पहले संतोष का जबरन धर्म परिवर्तन कर शेर खान नाम रख दिया गया था. यही नहीं उसे बंधक बनाकर रखा गया था.

मामले में जेठवारा थानाध्यक्ष विजयकांत सत्यार्थी ने बताया कि पुलिस ने चार नामजद और छह अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है. अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. अन्य की तलाश जारी है.

मध्य प्रदेश के सागर जिले के पथरिया हाट गांव के रहने वाले संतोष ने पुलिस को आपबीती बताई थी. संतोष ने बताया था, 12 साल पहले छत्तीसगढ़ में ढाबे पर काम करता था. वहां मुझे प्रतापगढ़ के रहने वाले बदरुल जमा, कल्लू, नईम और निजाम जैनुद्दीन से 10 साल पहले मुलाकात हुई. इन लोगों ने मेरी आर्थिक हालत कमजोर देखते हुए मजदूरी का काम दिलवाया.

इसके बाद शादी करवाने और घर बनाकर देने का झांसा दिया. फिर मुझे अपने साथ प्रतापगढ़ के जेठवारा थाना के कुटिलिया साड़देई ले आये. कुछ दिन के बाद धर्म परिवर्तन करा दिया और नया नाम शेर खान रखा. गांव लाने वाले लोग उसे बंधक बनाकर घर पर मजदूरी कराते रहे. शेर खान पुत्र उमर खान निवासी कुटिलिया साड़देई के नाम से आधार कार्ड भी बनवा दिया.

संतोष ने बताया, कलमा पढ़वाया जाता था. यहां तक कि मांस भी जबरन खिलाया जाता था. जब मैं घर जाने की बात करता था तो मारपीट की जाती थी. दबंगों के प्रताड़ना से परेशान संतोष 20 फरवरी को मौका पाकर फरार हो गया और पुलिस चौकी डेरवा पहुंचा. मदद की गुहार लगाते हुए पूरी कहानी बताई. इसके बाद दबंगों की करतूत का पर्दाफाश हुआ.

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