'JDU हमें टिकट देती तो 40 हजार से जीतती', बिहार में एकमात्र मंत्री के हार का कराण बने नेता का बड़ा दावा
चुनाव में मिली हार का मंथन प्रत्याशी करने में जुटे हैं. इसी बीच सुमित सिंह को डेंट पहुंचाने वाले संजय प्रसाद ने बड़ा बयान दिया.


Published : November 17, 2025 at 5:49 PM IST
जमुई : नीतीश कुमार जब से बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं, तब से चकाई विधानसभा सीट से जदयू के टिकट पर कभी कोई चुनाव नहीं जीत पाया है. जिस बिहार में 2025 के चुनाव में एनडीए की आंधी चली, उसमें भी चकाई से जेडीयू को हार का मुंह देखना पड़ा. सबसे बड़ी बात है कि मंत्री चुनाव हार गए.
नीतीश के मंत्री सुमित सिंह चुनाव हारे : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में चकाई से जदयू के टिकट पर सुमित सिंह चुनाव लड़े. उनको 67,385 वोट मिले, जबकि तीसरे नंबर पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे संजय प्रसाद को 48,065 वोट मिले. 80,357 वोट पाकर सावित्री देवी चुनाव जीत गई. इसके अलावा एक और निर्दलीय चंदन कुमार सिंह को 12502 वोट मिले.

संजय प्रसाद बने मुख्य वजह! : रिजल्ट के बाद से ही कहा जाने लगा कि संजय प्रसाद की वजह से ही सुमित सिंह चुनाव हार गए. जीत-हार में 12972 वोटों का अंतर संजय प्रसाद की वजह से हुआ. तभी तो संजय प्रसाद कह रहे हैं कि अगर जेडीयू मुझे टिकट दी रहती तो 40,000 वोटों से चुनाव जीतती.
''मैं तो 20 दिन चुनाव प्रचार से दूर रहा. वैसे भी सुमित सिंह को जेडीयू टिकट नहीं देती तो जमानत जब्त हो जाती. नीतीश कुमार अगर हमको टिकट देते तो चकाई की सीट जदयू की झोली में जाती."- संजय प्रसाद, पूर्व एमएलसी
JDU से टिकट नहीं मिलने पर लड़े निर्दलीय : चर्चा है कि इस बार के विधानसभा चुनाव जीतने के लिऐ नहीं, सुमित सिंह को हराने के लिऐ संजय प्रसाद चुनावी मैदान में उतरे थे. वह दो बार एमएलसी भी रह चुके हैं. केन्द्रीय मंत्री ललन सिंह के काफी नजदीकी माने जाते हैं. जदयू से टिकट के लिऐ प्रयासरत थे लेकिन अंततः टिकट सुमित सिंह को मिल गई तो संजय प्रसाद निर्दलीय चुनावी मैदान में आ गए.
''हम हमेशा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और हमारे नेता राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह का सम्मान करते हैं. हमको टिकट किसी कारण से नहीं मिला लेकिन हम एनडीए का विरोध नहीं किए. जबकि सुमित कुमार ने हमारा इतना विरोध किया, इसके बावजूद मुझे 48 हजार से ज्यादा वोट आया. पूरे पांच साल नीतीश कुमार की नीति और जो भी विकास की योजनाऐं चल रही थी, उसका प्रचार प्रसार किया. उसी पर हमको वोट भी मिला.''- संजय प्रसाद, पूर्व एमएलसी
संजय प्रसाद ने आगे कहा कि जब हमको टिकट नहीं मिला फिर भी हमने पार्टी या किसी नेता के बारे में एक भी शब्द नहीं बोला, अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया. अगर हमें टिकट मिलता तो नीतीश का आदर्श हम जमुई में स्थापित कर देते. सुमित सिंह को जो भी वोट आया है वो नीतीश कुमार के विकास के काम और जीविका दीदियों को जो 10 हजार दिया है उसकी बदौलत मिला है.

2020 में सुमित सिंह ने संजय प्रसाद को दी थी मात : सुमित सिंह बिहार के कद्दावर नेता रहे नरेन्द्र सिंह के पुत्र हैं. 2020 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था. इस चुनाव में उन्होंने निकटतम प्रतिद्वंदी सावित्री देवी को मात दी थी. उस वक्त जेडीयू से चुनाव लड़ रहे संजय प्रसाद तीसरे स्थान पर रहे थे.
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