ETV Bharat / state

क्या आप भी गठिया की समस्या से जूझ रहे? गंभीर मरीजों को दर्द में राहत देगी ये थेरेपी

इलाज के बाद मरीजों को 90 प्रतिशत तक दर्द में आराम, चलने-फिरने में सहजता और हल्के व्यायाम करने की क्षमता बढ़ी है.

गठिया की समस्या
गठिया की समस्या (Photo credit: ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : November 15, 2025 at 1:41 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

लखनऊ: 40 साल की उम्र के बाद लोगों में आस्टियो, आर्थराइटिस और गठिया तेजी से बढ़ रहा है. पीजीआई (संजय गांधी हॉस्पिटल लखनऊ) विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या 40 साल की उम्र के बाद अधिक पाई जाती है. लगभग हर दूसरा मध्यम व बुजुर्ग व्यक्ति इससे प्रभावित है. ऐसे समय में संजय गांधी पीजीआई में शुरू हुई प्लाज्मा आधारित आधुनिक तकनीक ने घुटने के दर्द से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी उम्मीद जगाई है.

प्लेटलेट-रिच-प्लाज्मा (पीआरपी) थेरेपी से घुटने के भीषण दर्द से राहत मिल रही है. अब तक 50 से अधिक मरीजों पर इसका परीक्षण किया चुका है. इस थेरेपी के बाद मरीजों को 90 प्रतिशत तक दर्द में आराम, चलने-फिरने में सहजता और हल्के व्यायाम करने की क्षमता बढ़ी है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि थेरेपी से इलाज पर पांच हजार रुपये ही खर्च होते हैं, लेकिन इसका असर एक-डेढ़ साल तक है. इससे घुटना प्रत्यारोपण की आवश्यकता भी कई मामलों में टल सकती है.

पीजीआई के रुमेटोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रो. संजय धीरज और प्रो. सुजीत गौतम ने बताया कि संस्थान में दो दिवसीय इंडियन एसोसिएशन ऑफ पेन क्लीनिक का आयोजन किया जा रहा है. आस्टियो, आर्थराइटिस और गठिया का एक सामान्य रूप है, जो जोड़ों की उपस्थित के टूटने या खराब होने के कारण होता है. इससे जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न होती है. यह मध्यम आयु वर्ग और बुजुर्गों को प्रभावित करता है. व्यायाम, वजन नियंत्रण और पीआरपी थेरेपी से राहत मिल रही है.

उन्नत तकनीकें भी स्थापित: प्रो. संदीप खूबा व प्रो. चेतना शमशेरी ने बताया कि विभाग कई ऐसी उन्नत तकनीकें भी विकसित कर चुका है, जो दर्द में लंबी राहत देती हैं. इनमें रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन, नर्व ब्लाक व न्यूरो मॉड्यूलेशन शामिल हैं. सम्मेलन में इन तकनीकों के विस्तार और नए छात्रों को प्रशिक्षण देने पर विशेष सत्र होंगे.

यह भी पढ़ें: क्या आपको भी हाथ-पैरों में सुन्नता या झुनझुनी महसूस होती है? हो जाएं सावधान! इस गंभीर बीमारी के हो सकते हैं लक्षण