फिर लाखों के चंदन के पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी, रात को कर दिया पूरा सफाया
तस्करों ने एक बार फिर पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई है. अधिकतर पेड़ निजी भूमि से काटे गए हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 11, 2026 at 1:01 PM IST
बिलासपुर: जिले में एक बार फिर चंदन तस्करों ने पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई है. इस बार एक या दो नहीं बल्कि एक साथ कई पेड़ों को काट दिया. इससे पता चल रहा है कि बिलासपुर में चंदन तस्करों के हौंसले कितने बुलंद हैं. बिलासपुर जिला मुख्यालय के समीप ही तस्करों ने कुछ दिन पहले ही चंदन के पेड़ काट दिए थे. एक बार फिर ऐसी ही वारदात सामने आई है.
बीती रात अज्ञात तस्करों ने शहर से सटे दनोह गांव के विभिन्न स्थानों पर चंदन के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी. इसकी जानकारी किसी भी नहीं लग पाई. सुबह जब लोगों ने खेतों और आसपास के इलाकों में कटे हुए पेड़ देखे तो क्षेत्र में हड़कंप मच गया और घटना की सूचना वन विभाग को दी गई. प्रारंभिक तौर पर 10 से 15 पेड़ों पर कटान की आशंका जताई गई थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के बीचों-बीच और आबादी वाले क्षेत्रों में इस तरह चंदन के पेड़ों की कटाई होना बेहद चिंताजनक है.
घर के साथ लगे चंदन के पेड़ भी कटे
लोगों ने कहा कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो तस्कर खुलेआम ऐसे ही वारदातों को अंजाम देते रहेंगे. ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले की गहन जांच कर तस्करों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है. इतनी संख्या में पेड़ कटने से लोग भी हैरान है. लोगों का कहना है कि तस्करों ने रातों रात ही कई पेड़ों का सफाया कर दिया है. चौकाने वाली बात ये है कि रिहायशी मकानों से कुछ मीटर की दूरी से ये पेड़ कटे हैं, लेकिन किसी की इसकी भनक नहीं लगी. लोगों का कहना है कि तस्कर चंदन के पेड़ चोरी कर रहे हैं. हमें अपनी भूमि से चंदन के पेड़ काटने की अनुमति दी जाए, ताकि हम इससे कुछ मुनाफा कमा सकें.
निजी भूमि से कटे अधिकतर पेड़
इस मामले पर वन विभाग के आरओ सदर नरेंद्र सिंह दयाल ने बताया कि 'अधिकतर चंदन के पेड़ निजी भूमि पर काटे गए हैं. सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया. मौके पर 11 चंदन के कटे हुए पेड़ पाए गए हैं, जबकि अन्य कई पेड़ों को भी काटने का प्रयास किया गया था.'
विभाग ने बढ़ाई गश्त
तस्करों ने बड़े स्तर पर चंदन की अवैध कटाई करने की कोशिश की है. वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग शुरू कर दी है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. विभाग का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
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