MCB जिले में SDM कार्यालय से 3 किमी दूर रेत उत्खनन, केवई नदी में दिन-रात चल रहीं जेसीबी और पोकलेन मशीनें
अधिकारियों का कहना है कि बिछिलाटोला की रेत खदान स्वीकृत रेत खदान है लेकिन किसी प्रकार का सूचना बोर्ड नहीं लगने से सवाल उठ रहे.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 27, 2026 at 3:40 PM IST
मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर: जिले के केल्हारी ब्लॉक के केवई नदी में रेत उत्खनन का खेल खुलेआम जारी है. ग्राम पंचायत बिछिया टोला का ये मामला है. हैरानी की बात यह है कि यह पूरा कारोबार SDM कार्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर संचालित हो रहा है.
नियमों की अनदेखी
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रेत ठेकेदार की ओर से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के नियमों की अनदेखी करते हुए जेसीबी और पोकलेन मशीनों से दिन-रात रेत निकाली जा रही है. नदी तट पर न तो किसी प्रकार का सूचना बोर्ड लगाया गया है और न ही यह सार्वजनिक किया गया है कि किस क्षेत्र से और कितनी मात्रा में रेत उत्खनन की अनुमति है.

पड़ोसी राज्यों तक सप्लाई का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि खनिज अधिनियम की खुली अवहेलना करते हुए भारी मशीनों से नदी का दोहन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण संतुलन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है. बताया जा रहा है कि यहां से निकाली जा रही रेत को प्रदेश के पड़ोसी राज्यों तक सप्लाई किया जा रहा है.
सूचना अभी मिली है, बहुत जल्द इस पर कार्रवाई की जाएगी- इंद्रा मिश्रा, एसडीएम केल्हारी
बिछिया टोला रेत खदान स्वीकृत रेत खदान है, हालांकि मशीन और सूचना पटल को लेकर कार्रवाई की गई है- दयानंद तिग्गा, जिला खनिज अधिकारी

जिम्मेदारों का क्या कहना है?
एक तरफ आरोप है कि शिकायत के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं होती वहीं दूसरी तरफ SDM ने कार्रवाई की आश्वासन दिया है. साथ ही जिला खनिज अधिकारी का तर्क है कि बिछियाटोला की रेत खदान स्वीकृत खदान में से है. फिर भी सूचना बोर्ड और कितनी मात्रा में उत्खनन होना चाहिए इस पर कार्रवाई की जा रही है.
नदी की प्राकृतिक धारा को प्रभावित करता है, भू-जल स्तर में गिरावट ला सकता है और भविष्य में बाढ़ जैसी आपदाओं को भी आमंत्रित कर सकता है. साथ ही, शासन को लाखों रुपये के राजस्व की क्षति भी हो रही है.

