बिहार में इंडस्ट्रियल क्रांति, 1000 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट का सम्राट चौधरी और दिलीप जायसवाल ने किया उद्घाटन
बिहार के औद्योगिक विकास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया. बक्सर में 1000 करोड़ से अधिक की लागत से बनी फैक्ट्री का उद्घाटन किया गया.

Published : February 28, 2026 at 6:19 PM IST
बक्सर: बिहार के औद्योगिक नक्शे पर एक बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है. बक्सर जिले के डुमरांव अनुमंडल अंतर्गत नावानगर में शनिवार को एक फैक्ट्री का भव्य उद्घाटन किया गया. इस मौके पर बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उद्योग मंत्री दिलीप जयसवाल ने रिमोट से बटन दबाकर फैक्ट्री का शुभारंभ किया.
1000 करोड़ से अधिक की लागत से बनी है फैक्ट्री: नावानगर में लदानी परिवार द्वारा स्थापित यह फैक्ट्री लगभग एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार की गई है. फैक्ट्री के उद्घाटन के साथ ही पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है. लोगों को उम्मीद है कि अब रोजगार की तलाश में बिहार से बाहर जाने की मजबूरी कम होगी और स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में काम के अवसर मिलेंगे.
बिहार में बिछाया जा रहा उद्योग का जाल: उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार ने चरणबद्ध तरीके से काम किया है. पहले सड़कों का जाल बिछाया गया, फिर कानून का राज स्थापित किया गया, पानी और बिजली की व्यवस्था सुदृढ़ की गई और अब उद्योगों का जाल बिछाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं.
"सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में न जाना पड़े. वे अपने राज्य में ही सम्मानजनक जीवनयापन कर सकें, सरकार की यही कोशिश है."- सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम, बिहार
5 साल में उद्योग का होगा व्यापक विस्तार: उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने लदानी परिवार को धन्यवाद देते हुए आग्रह किया कि वे बिहार में 4 से 5 और फैक्ट्रियां स्थापित करें. उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्षों में बिहार में उद्योगों का व्यापक विस्तार होगा.
"सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग दे रही है और उद्योग लगाने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है. बिहार अब सिर्फ कृषि प्रधान राज्य नहीं, बल्कि औद्योगिक राज्य के रूप में भी अपनी पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है."- दिलीप जायसवाल, उद्योग मंत्री, बिहार
अपराधियों को बड़ी चेतावनी: इस दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशासनिक अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिहार में कानून का राज है. जो कानून तोड़ेगा, उसके लिए जेल या जीवनदायिनी गंगा का रास्ता तय है. उन्होंने पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य और जिलाधिकारी साहिला को संबोधित करते हुए कहा कि आम जनता को किसी भी स्तर पर परेशानी हो तो सीधे प्रशासन को सूचना दें, त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.
स्थानीय लोगों ने जाहिर की खुशी: उनके इस बयान को कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि फैक्ट्री के शुरू होने से न सिर्फ प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, बल्कि परिवहन, पैकेजिंग, सप्लाई चेन और छोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा. नावानगर और आसपास के इलाकों में होटल, दुकानें और अन्य सेवाएं विकसित होंगी, जिससे समग्र आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी.
बेरोजगारी कम करने के लिए कारगर कदम: बक्सर जैसे जिले में इतनी बड़ी औद्योगिक परियोजना एक नई उम्मीद लेकर आया है. अब देखने वाली बात यह होगी कि यह प्लांट बिहार में बेरोजगारी कम करने और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने में कितना कारगर साबित होता है. फिलहाल, नावानगर की धरती से शुरू हुई यह औद्योगिक पहल बिहार के भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत मानी जा रही है.
ये भी पढ़ें
अब बिहार में बनेगा स्टील, 5,000 करोड़ का निवेश करेगी ये बड़ी कंपनी, 8,000 लोगों को मिलेगा रोजगार

