हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष के खिलाफ FIR की मांग, संपत सिंह ने लगाया जाट समुदाय को अपमानित और बदमान करने का आरोप
पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह ने हिसार से एसपी से भाजपा की हरियाणा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.

Published : August 18, 2026 at 8:59 AM IST
हिसार: पूर्व वित्त मंत्री संपत सिंह ने भाजपा की हरियाणा अध्यक्ष अर्चना गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की. संपत सिंह ने हिसार पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी है. जिसमें संपत सिंह ने अर्चना गुप्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. फिलहाल एसपी ने इस मामले की जांच हिसार के सिविल लाइन थाना प्रभारी को सौंपी है.
संपत सिंह ने हिसार एसपी को दी शिकायत: संपत सिंह ने कहा "मैं भारत का एक शांतिप्रिय नागरिक हूं. हरियाणा सरकार में मैं कैबिनेट मंत्री, विधायक रह चुका हूं और वर्तमान में इंडियन नेशनल लोकदल, हरियाणा (INLD) का संरक्षक हूं. मैंने लगभग 30 वर्षों तक हरियाणा विधानसभा में भट्टू कलां, फतेहाबाद तथा नलवा विधानसभा क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया है. मैं जाट समुदाय से संबंधित हूं. पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने मुझसे संपर्क कर बताया कि दिनांक 11.08.2026 को पानीपत में हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. जिसमें डॉक्टर अर्चना गुप्ता ने जाट समुदाय को लेकर आपराधिक मंशा से बयान दिया. मैंने उन बयानों के संबंध में कानूनी कार्यवाही प्रारंभ करने का आग्रह किया है.
जाट समुदाय को अपमानित करने का आरोप: संपत सिंह ने कहा कि डॉक्टर अर्चना गुप्ता ने जाट समुदाय को अपमानित, नीचा दिखाने तथा बदनाम करने का कार्य किया है और सार्वजनिक शांति एवं सद्भावना को भंग करने के उद्देश्य से जाट समुदाय को "विशेष वर्ग/ Special Category" के रूप में संबोधित किया. उन्होंने इस कथित "विशेष वर्ग/Special Category" को INLD से संबंधित पूर्व सीएम स्वर्गीय चौधरी ओमप्रकाश चौटाला और भूपेंद्र हुड्डा से जोड़ा है. दोनों जाट समुदाय से संबंधित हैं. उन्होंने विशेष रूप से कहा है कि उनके शासनकाल के दौरान केवल उनके बच्चों एवं रिश्तेदारों को ही नौकरियां दी गईं. उन्होंने इस "विशेष वर्ग/Special Category" से संबंधित व्यक्तियों को "लुटेरा, बिचौलिया, दलाल" आदि शब्दों से संबोधित किया है."
अर्चना गुप्ता के बयान पर आपत्ति: संपत सिंह ने कहा कि "उन्होंने अपने पूरे वक्तव्य में जाट समुदाय को ही "विशेष वर्ग/Special Category" के रूप में चिन्हित किया है तथा स्पष्ट रूप से यह दावा किया है कि वर्तमान शासन में ऐसे व्यक्तियों को कोई नौकरी नहीं दी जाएगी. उनके द्वारा सार्वजनिक रूप से दिए गए इस कथन से जाट समुदाय में व्यापक रोष एवं असंतोष उत्पन्न हुआ है. जाट समुदाय हरियाणा राज्य की जनसंख्या में 22 प्रतिशत की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है. राज्य के सामाजिक ताने-बाने में उसका महत्वपूर्ण योगदान है. उक्त बयान जानबूझकर एवं आपराधिक मंशा से दिए गए प्रतीत होते हैं, जिनका उद्देश्य जाट एवं गैर-जाट समुदायों के बीच वैमनस्य एवं शत्रुता को बढ़ावा देना तथा समाज में अशांति एवं सार्वजनिक शांति भंग करना है. इसके अतिरिक्त, यह प्रचारित किया गया है कि जाट समुदाय से संबंधित व्यक्तियों को भारत के नागरिक के रूप में प्राप्त उनके अधिकारों से वंचित रखा जाएगा. उन्होंने उक्त समुदाय को "लुटेरा, बिचौलिया, दलाल" आदि कहकर उसकी प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाई एवं बदनाम किया है."
सोशल मीडिया से उनका वीडियो हटाने की मांग: संपत सिंह ने कहा कि "अर्चना गुप्ता की उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो को सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटाया जाए, ताकि उक्त आपत्तिजनक सामग्री के आगे प्रसार से सार्वजनिक शांति एवं सामाजिक सद्भाव को कोई और क्षति न पहुंचे." पूर्व वित मंत्री संपत सिंह ने कहा कि इससे पहले राजकुमार सैनी, रामकुमार गौतम विधायक, राज्य सांसद रेखा शर्मा आपत्ति जनक शब्द का इस्तेमाल करते करके लोगों मे आपसी भाईचारे में खलल डालने का प्रयास करते रहे है. भारतीय जनता पार्टी जात पात की राजनीति करके लोगों का आपस का भाईचारा खराब करने की कोशिश में है.

