सांभर बर्ड फेस्टिवल: स्कूली बच्चों ने नजदीक से देखे प्रवासी पक्षी, रामसर साइट के संरक्षण का लिया संकल्प
सांभर बर्ड फेस्टिवल में नई पीढ़ी को संरक्षण प्रयासों से जोड़ने के लिए ‘वेटलैंड मित्र पंजीकरण अभियान’ भी चलाया गया.

Published : February 27, 2026 at 8:21 PM IST
जयपुर: सांभर झील क्षेत्र में आज शुक्रवार को सांभर बर्ड फेस्टिवल-2026 का आयोजन हुआ, जिसमें पक्षी प्रेमियों, विद्यार्थियों, पर्यटकों और स्थानीय समुदाय की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली. अनूठे खारे पानी और विशिष्ट वेटलैंड पारिस्थितिकी के लिए प्रसिद्ध इस झील में आयोजित महोत्सव का उद्देश्य प्रवासी पक्षियों के महत्व, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देना रहा. कार्यक्रम का आयोजन वन विभाग की ओर से डीएफओ वी. केतन कुमार के मुख्य आतिथ्य में किया गया. इस मौके पर सांभर एसडीएम ऋषिराज कपिल, सांभर साल्ट के जीएम विनोद महरिया, दूदू एसीएफ विजय सहित वन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे.
पक्षियों के जीवन चक्र की जानकारी: डीएफओ केतन कुमार ने बताया कि कार्यक्रम स्थल कोच्या की ढाणी स्थित इंटरप्रिटेशन सेंटर परिसर में दिनभर कई रोचक गतिविधियों का आयोजन हुआ. महोत्सव में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान का अनूठा मेल देखने को मिला. दूरबीन, कैमरा, स्पॉटिंग स्कोप और ड्रोन की मदद से बर्ड वॉचिंग करवाई गई, जिससे प्रतिभागियों को पक्षियों का नजदीकी अवलोकन करने का अवसर मिला. दुर्लभ पक्षी प्रजातियों और उनके जीवन चक्र पर आधारित फोटो प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही.
इसे भी पढ़ें- सांभर लेक बर्ड फेस्टिवल : पक्षी प्रेमी करेंगे प्रवासी पक्षियों का दीदार, वेटलैंड मित्र का भी होगा पंजीकरण
नमक उत्पादन की प्रक्रिया बताई: इसके साथ ही नमक उत्पादन की पारंपरिक प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन कर स्थानीय आजीविका और विरासत की जानकारी दी गई. करीब 200 से अधिक स्कूल विद्यार्थियों के लिए बर्ड क्विज, पेंटिंग और जागरूकता प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं. विजेताओं को समापन समारोह में सम्मानित किया गया. नई पीढ़ी को संरक्षण प्रयासों से जोड़ने के लिए ‘वेटलैंड मित्र पंजीकरण अभियान’ भी चलाया गया, जिससे आमजन को झील संरक्षण गतिविधियों में भागीदारी का अवसर मिला.
एवियन बोटुलिज्म की भी दी जानकारी: महोत्सव में पक्षी रोगों विशेषकर एवियन बोटुलिज्म से बचाव और उपचार पर जानकारी देने के लिए विशेष स्टॉल लगाए गए. विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे आयोजन न केवल पारिस्थितिकी संरक्षण को मजबूत करते हैं, बल्कि पर्यटन संभावनाओं को भी नई दिशा देते हैं. वक्ताओं ने कहा कि सांभर क्षेत्र में जैव विविधता आधारित पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं. जिनसे स्थानीय रोजगार और पर्यावरण संरक्षण दोनों को लाभ मिल सकता है.
इसे भी पढ़ें- लोककला, संस्कृति, एडवेंचर का कॉम्बो ऑफर, सांभर महोत्सव 27 से

