संभल में बुलडोजर एक्शन पर भड़के सपा विधायक इकबाल महमूद, कहा-मस्जिदों-मदरसों पर हो रही कार्रवाई गैरकानूनी
सपा के वरिष्ठ विधायक इकबाल महमूद ने बिना अदालती आदेश के बुलडोजर कार्रवाई को लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ बताया है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 7, 2026 at 12:49 PM IST
|Updated : January 7, 2026 at 12:57 PM IST
संभल : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ विधायक इक़बाल महमूद ने संभल में लगातार बुलडोजर एक्शन को लेकर प्रदेश और केंद्र सरकार को घेरा है. सपा विधायक ने बुलडोजर एक्शन की कार्यशैली को “न्यायिक प्रक्रिया में दखल” करार दिया है. सपा विधायक का आरोप है कि मस्जिदों-मदरसों पर गैरकानूनी तरीके से कार्रवाई हो रही है. बिना अदालती आदेश के मनमर्जी से बुलडोजर चलाना लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है.
सपा विधायक ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स जैसी एजेंसियों को हथियार की तरह इस्तेमाल करके लोगों को चुप करा रही है. समुदाय विशेष को निशाना बनाकर एक्शन लिया जा रहा है. पुलिस-प्रशासन के भय से आम आदमी चुप है, लेकिन चुप्पी हमेशा नहीं रहती. 2027 का चुनाव दूर नहीं है, जनता इसका करारा जवाब देगी.
इकबाल महमूद का कहना है कि संभल में मस्जिदों-मदरसों को अवैध बताकर एकतरफा कार्रवाई की जा रही है. प्रशासन को निष्पक्ष रूप से मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, कब्रिस्तान सबकी पैमाइश करनी चाहिए. एक ही समुदाय के धर्म स्थल और उनकी जायज संपत्तियों को ही नष्ट किया जा रहा है. यह लोकतंत्र और संविधान के विरुद्ध भी है.
सपा विधायक ने कहा कि संभल की जामा मस्जिद काफी पुरानी है. मस्जिद के आसपास कब्रिस्तान की आठ बीघा भूमि है. करीब 22 दुकानें और मकान भी हैं. यह कई दशक से हैं. अब अचानक कार्रवाई हो रही है. ऐसे में जिनके पास कागजात हैं, उनके साथ न्याय हो. जिनके पास नहीं हैं, उन पर न्यायिक कार्रवाई हो. धर्म देखकर कार्रवाई की बजाय कानून देखकर एक्शन हो.
इस मामले में डीएम डॉ. राजेंद्र पेंसिया का कहना है कि सरकारी भूमि, सरकारी तालाब पर अवैध अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी हो रही है. प्रशासन निष्पक्ष तरीके से जिम्मेदारी निभा रहा है. जिले में तमाम ऐसी जगह है जहां पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया है. उन्हें ही अतिक्रमण मुक्त का अभियान चलाया जा रहा है. सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत संभल में कार्रवाई हो रही है. प्रशासन भेदभाव पूर्ण नीति से कोई काम नहीं कर रहा है.
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