ETV Bharat / state

हरिद्वार के इन गांवों में जमीन खरीद-फरोख्त पर लगी रोक, जानिए वजह

हरिद्वार और लक्सर तहसील के 23 गांवों में कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री, बैनामा और लैंड यूज चेंज पर अस्थायी रोक लगा दी है.

Etv Bharat
कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक. (Photo-ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 8, 2026 at 8:47 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

हरिद्वार: राष्ट्रीय राजमार्ग 334ए के निर्माण प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस राष्ट्रीय राजमार्ग के तहत पुरकाजी-लक्सर-हरिद्वार के चौड़ीकरण की प्रक्रिया को गति देने के लिए हरिद्वार जिला प्रशासन ने हरिद्वार और लक्सर तहसील के 23 गांवों में कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री, बैनामा, लैंड यूज चेंज और भूमि की प्रकृति में बदलाव पर अस्थायी रोक लगा दी है. यह आदेश राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3ए के तहत प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को देखते हुए जारी किया गया है.

दरअसल, जिस क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग या अन्य किसी भी बड़ी योजना की बात चलती है, वहां जमीनों के दाम आसमान छूने लगते हैं. अक्सर भूमाफिया किसानों को इधर उधर की बातें बताकर उनसे सस्ते दामों में जमीन खरीद लेते हैं और उस जमीन को कई गुना महंगे दामों पर बेच देते हैं. हालांकि इस बार लोग प्रस्तावित हरिद्वार-लक्सर और पुरकाजी हाइवे के नाम पर इस तरह की ठगी का शिकार न हो, इसीलिए पहले ही सूचना जारी कर दी है.

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर यह निर्णय लिया गया है. राष्ट्रीय राजमार्ग 334ए के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. अधिसूचना के बाद किसी भी तरह की अनियमित खरीद फरोख्त, भूमि उपयोग परिवर्तन या अन्य बदलाव से भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसलिए प्रभावित गांवों में अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है. भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जाएगी.
-वैभव गुप्ता, एडीएम, हरिद्वार-

इन गांवों में भूमि की खरीद फरोख्त पर लगाई गई रोक: जारी आदेश के अनुसार हरिद्वार तहसील के टिक्कमपुर, मोहम्मदपुर कुन्हारी, जसोधरपुर, बादशाहपुर शेरपुर भट्टीपुर, बाणगंगा नंबर-2, धमोली उर्फ खेरवाला, शाहपुर शीतलाखेड़ा, भवानीपुर जमालपुर, मुस्तफाबाद, पदार्थ उर्फ धनपुरा, फेरुपुर रामखेड़ा, कटारपुर अलीपुर, किशनपुर, जियापोता, नूरपुर पंजनहेड़ी, जमालपुर कला, मिस्सरपुर मुस्तहकम और जगजीतपुर सहित 18 गांव इसके दायरे में आए हैं. साथ ही लक्सर तहसील के फिदाईपुर, सुल्तानपुर आदमपुर, पुंडरीपुर उर्फ पीपली, बुड़्डाखेड़ा मीमला और अकबरपुर ऊद सहित पांच गांव इस प्रतिबंध के दायरे में आए हैं.

एडीएम वैभव गुप्ता ने कहा कि परियोजना क्षेत्र के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. प्रभावित किसानों और भू स्वामियों के वैधानिक अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे. सभी को नियमानुसार मुआवजा और अन्य लाभ दिए जाएंगे. लोगों से अपील है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी प्रकार का भूमि संबंधी लेन देन या लैंड यूज चेंज न करें और प्रशासन का सहयोग करें. उनका कहना है कि यह रोक केवल भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी. इसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में तेजी लाना, अनियमित लेन देन रोकना और भूमि अधिग्रहण को विवादमुक्त एवं पारदर्शी बनाना है.

पढ़ें---