सक्ती पूर्णिमा चौहान हत्याकांड: प्रेम संबंध बना हत्या की वजह, पति पत्नी ने 4 लाख की सुपारी देकर कराया मर्डर
सक्ती पुलिस ने युवती की हत्या के आरोप में झारखंड, महाराष्ट्र व छत्तीसगढ़ से 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 2, 2026 at 12:54 PM IST
|Updated : July 2, 2026 at 1:10 PM IST
सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के बहुचर्चित पूर्णिमा चौहान हत्याकांड का पुलिस ने चार दिनों में खुलासा कर दिया है. पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या किसी पुरानी रंजिश या लूट की वारदात नहीं, बल्कि प्रेम संबंध के चलते रची गई सुनियोजित साजिश थी.
मृतका के प्रेम संबंध से परेशान होकर एक दंपती ने उसे रास्ते से हटाने के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी थी. पुलिस ने झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में कार्रवाई करते हुए हत्या की साजिश रचने वाले पति-पत्नी समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल पिस्तौल, दो मोटरसाइकिल, सात मोबाइल फोन, चार जिंदा कारतूस, बैंक पासबुक और 71,500 रुपये नकद बरामद किए गए हैं.
घर में घुसकर युवती पर चलाई ताबड़तोड़ गोलियां
यह मामला सक्ती थाना क्षेत्र के ग्राम जोंगरा का है, जहां 26 जून 2026 की सुबह करीब 11 बजे दो नकाबपोश युवक बिना नंबर की मोटरसाइकिल से पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम के घर पहुंचे थे. दोनों ने अपने चेहरे सफेद गमछे से ढंक रखे थे. एक आरोपी घर के भीतर घुसा और परिवार से पूछा, "पूर्णिमा कहां है?" जैसे ही पूर्णिमा सामने आई, आरोपी ने पिस्तौल से उस पर ताबड़तोड़ तीन गोलियां दाग दीं. गोलियां उसके सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में लगीं.
26 जून को जोंगरा गांव में सुबह 11 बजे डायल 112 को सूचना मिली थी कि दो नकाबपोश एक घर में घुसकर गोली चलाकर फरार हो गए. जिसको गोली लगी, वो घायल अवस्था में है. डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और अस्पताल पहुंचाया, इलाज के दौरान मौत हो गई-प्रफुल्ल ठाकुर, सक्ती एसपी
अस्पताल पहुंचने से पहले पूर्णिमा की मौत, पुलिस ने शुरू की जांच
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी बाइक से फरार हो गए. परिजन गंभीर रूप से घायल पूर्णिमा को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस मामले में पुलिस ने अपराध दर्ज किया और जांच शुरू की. विशेष जांच टीम गठित की गई.
सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि टीम ने लगातार चार दिनों तक तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की. इस दौरान मृतका के परिजनों और कई संदिग्धों से पूछताछ की गई. मोबाइल टावर डंप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का विश्लेषण किया गया और विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. जांच में सामने आया कि मृतका पूर्णिमा चौहान का रायगढ़ जिले के देल्लारी निवासी मुरलीशंकर चौहान के साथ प्रेम संबंध था. दोनों एक साथ आयुर्वेदिक दवाइयों के प्रचार और बिक्री का काम करते थे. मुरलीशंकर पहले से विवाहित था. उसकी पत्नी चम्पा चौहान को दोनों के संबंधों की जानकारी थी, जिसके कारण पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होता था.
पति पत्नी ने रची हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार चंपा ने कई बार दोनों को समझाने का प्रयास किया. बाद में मुरलीशंकर ने पूर्णिमा से दूरी बना ली, लेकिन पूर्णिमा लगातार उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी. इसी से परेशान होकर मुरलीशंकर और उसकी पत्नी चंपा ने पूर्णिमा को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली.
चंपा ही मुख्य षडयंत्रकारी है. उसने मृतका को उसके घर जाकर धमकी दी थी- प्रफुल्ल ठाकुर, सक्ती एसपी
4 लाख में शूटर को दी हत्या की सुपारी
सक्ती एसपी ने बताया कि चंपा और उसके पति ने झारखंड में पूर्व में गोलीकांड में शामिल रहे राजेंद्र महंत से संपर्क किया और 4 लाख रुपये में हत्या की सुपारी तय की.राजेंद्र महंत बंजारी का रहने वाला है. वह पूर्व में झारखंड में दो मामले में जेल जा चुका है. एक बार हत्या का प्रयास और आर्म्स एक्ट में जेल में बंद था. वह बेल पर आया था. उसने अपने दोस्त गौरीशंकर के साथ मिलकर प्लान बनाया. राजेंद्र महंत के पास पिस्टल था. आरोपी ने बताया कि पंजाबी मूवी शूटर देखा था, उसमें कैसे शूट करते हैं, उसे देखकर सीखा था. इन्होंने गांव वालों को भी धमकी दी थी कि वो लारेंस विश्नोई के गैंग में काम करते थे.
आरोपियों ने बताया कि हत्या की योजना में राजेंद्र महंत, गौरीशंकर सिदार, सुनील महंत, राकेश महंत, वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू, सुमित गबेल और चंद्रशेखर महंत शामिल थे. सभी ने मिलकर 26 जून को वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई और सुपारी की राशि आपस में बांटने का फैसला किया.
सुपारी की रकम जुटाने के लिए चंपा चौहान ने अपना पोस्ट ऑफिस का खाता तुड़वाया और वहां से रकम निकालकर शूटर्स को 2 लाख रुपये एडवांस के तौर पर दिए थे. हत्या के बाद शेष रकम देने की बात तय हुई थी- प्रफुल्ल ठाकुर, सक्ती एसपी
झारखंड और महाराष्ट्र से आरोपियों की गिरफ्तारी
एसपी ने आगे बताया कि तकनीकी जांच के दौरान राजेंद्र महंत की लोकेशन झारखंड के जमशेदपुर, गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत की लोकेशन महाराष्ट्र के पुणे में मिली. इसके बाद पुलिस की विशेष टीमें दोनों राज्यों में रवाना हुईं और घेराबंदी कर तीनों को हिरासत में लिया. पूछताछ में उन्होंने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया.
योजना के अनुसार घटना वाले दिन सुनील महंत और गौरीशंकर सिदार मोटरसाइकिल से ग्राम जोंगरा पहुंचे. गौरीशंकर सिदार घर के अंदर गया और पिस्तौल से पूर्णिमा पर तीन गोलियां दाग दीं. घटना के बाद दोनों आरोपी सुमित गबेल द्वारा उपलब्ध कराई गई मोटरसाइकिल से फरार हो गए. फरारी के दौरान राकेश महंत ने दोनों को दूसरे राज्यों में भागने में मदद की. बाद में चम्पा चौहान से सुपारी की रकम लेकर राजेंद्र महंत, वेदप्रकाश महंत और चंद्रशेखर महंत ने उसे आपस में बांट लिया.
आरोपियों के पास से जब्त सामान
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान हत्या में इस्तेमाल पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, दो मोटरसाइकिल, सात मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और 71,500 रुपये नकद बरामद किए हैं. घटनास्थल से पिस्तौल के तीन खाली खोखे भी जब्त किए गए. जब्त सामग्री में राजेंद्र महंत से पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और 52 हजार रुपये नकद, गौरीशंकर सिदार से मोबाइल और 6 हजार रुपये, चम्पा चौहान से बैंक पासबुक और मोबाइल, मुरलीशंकर चौहान से मोबाइल, सुमित गबेल से टीवीएस मोटरसाइकिल, मोबाइल और 2 हजार रुपये, वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू से मोटरसाइकिल, मोबाइल और 4 हजार रुपये, सुनील महंत से 4 हजार रुपये, चंद्रशेखर महंत से मोबाइल और 3,500 रुपये और राकेश महंत से मोबाइल बरामद किया गया है.
एक स्कूटी भी इस्तेमाल की गई थी, उसे अभी रिकवर नहीं किया जा सका है. पूछताछ में आरोपियों ने जुर्म कबूल कर लिया है. अभी और पूछताछ करनी है. सक्ती पुलिस की यह बड़ी सफलता है. 4 दिन में सभी 9 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया गया है- प्रफुल्ल ठाकुर, सक्ती एसपी
सुपारी किलिंग के 9 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कुल नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें रायगढ़ जिले के देल्लारी निवासी चम्पा चौहान और उसका पति मुरलीशंकर चौहान, मालखरौदा निवासी सुनील महंत, खरसिया के बकेली निवासी गौरीशंकर सिदार, मालखरौदा के बंजारी निवासी राकेश महंत, वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू, राजेंद्र महंत और चंद्रशेखर महंत और रायगढ़ जिले के बकेली निवासी सुमित गबेल शामिल हैं.

