भूपेश बघेल के खिलाफ साहू समाज, कहा- 5 जनवरी से पहले अरुण साव से माफी मांगे, छत्तीसगढ़ में बड़े आंदोलन की चेतावनी
कवर्धा में शुक्रवार को बड़ी संख्या में साहू समाज के लोगों ने भूपेश बघेल के बयान की निंदा की और सार्वजनिक माफी की मांग की.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 3, 2026 at 7:32 AM IST
|Updated : January 3, 2026 at 7:38 AM IST
कवर्धा: पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ छत्तीसगढ़ साहू समाज में गहरा आक्रोश नजर आ रहा है. शुक्रवार को जिला साहू समाज कवर्धा के पदाधिकारियों और समाजजनों ने बड़ी संख्या में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा. समाज ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर भूपेश बघेल लिखित रूप से माफी नहीं मांगते हैं तो साहू समाज प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन करेगा.
भूपेश बघेल के खिलाफ साहू समाज
जिला साहू समाज के अध्यक्ष धरमराज साहू ने बताया कि बीते दिनों बिलासपुर जिले के लिंगयाडीह गांव में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंच से उपमुख्यमंत्री अरुण साव की तुलना ‘बंदर’ से की, जो न केवल एक जनप्रतिनिधि बल्कि पूरे साहू समाज का अपमान है. इस टिप्पणी से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं.
साहू समाज ने बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
उन्होंने कहा कि समाज ने शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है, लेकिन यदि 5 जनवरी के भीतर माफी नहीं मिली तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा. ज्ञापन सौंपने के दौरान समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, युवा संगठन और महिला इकाई के सदस्य भी उपस्थित रहे. सभी ने एक स्वर में इस बयान की निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग की.

साहू समाज का ज्ञापन लेने के संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल ने बताया कि साहू समाज ने ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा उपमुख्यमंत्री अरुण साव के खिलाफ कथित टिप्पणी का उल्लेख किया गया है, जिसे विधिवत स्वीकार कर लिया गया है और आगे की प्रक्रिया नियमानुसार की जाएगी.

बिलासपुर में मंच पर बघेल ने की थी टिप्पणी
हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बिलासपुर के लिंगयाडीह में एक विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस दौरान उन्होंने मंच से शेर और बंदर की कहानी का उल्लेख किया. आरोप है कि इस कहानी के माध्यम से उन्होंने उपमुख्यमंत्री अरुण साव की तुलना बंदर से की. इसके बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई. पहले उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने मर्यादित भाषा के उपयोग की नसीहत दी, वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी तीखा पलटवार करते हुए बयान को असंयमित बताया.

