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ड्यूटी आवर में निजी क्लिनिक और अस्पताल का संचालन करने वाले डॉक्टरों की खैर नहीं! साहिबगंज में टास्क फोर्स का गठन

साहिबगंज डीसी हेमंत सती ने ड्यूटी के समय अस्पतालों से नदारद चिकित्सकों पर लगाम लगाने के लिए एक पहल की है.

Sahibganj DC formed task force
साहिबगंज का सदर अस्पताल. (फोटो-ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : February 14, 2026 at 8:50 PM IST

2 Min Read
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साहिबगंज : अब ड्यूटी के समय निजी क्लिनिकों में प्रैक्टिस करने वाले सरकारी डाक्टरों को खैर नहीं. सरकारी अस्पतालों में ओपीडी के दौरान निजी क्लिनिक चलाने से अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को परेशानी होती थी. इसपर रोक लगाने के लिए साहिबगंज डीसी हेमंत सती और सिविल सर्जन रामदेव पासवान ने एक टास्क फोर्स का गठन किया है. इस टास्क फोर्स में एक मजिस्ट्रेट को भी रखा गया है.

टास्क फोर्स करेगा अस्पतालों का निरीक्षण

अब दिन में या रात के वक्त ड्यूटी के दौरान यदि कोई चिकित्सक अपना निजी क्लिनिक या अस्पताल चलाते पकड़े गए तो कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है. टास्क फोर्स में शामिल सदस्यों को डाक्टरों का ड्यूटी रोस्टर थमा दिया गया है. यह टास्क फोर्स सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक विशेष निगरानी करेगा. वहीं रात्रि के समय ऑनकॉल रहने वाली महिला डाक्टरों पर भी निगरानी रखी जाएगी. हालांकि दो दिन पहले रात्रि के समय ऑनकॉल डॉक्टर का सिस्टम समाप्त कर दिया गया है. डीसी के इस कड़े रुख के बाद डाक्टरों के बीच खलबली मच गई है. मरीजों की लगातार शिकायतें मिलने के बाद डीसी ने यह कदम उठाया है.

जानकारी देते साहिबगंज डीसी हेमंत सती. (वीडियो-ईटीवी भारत)

बैठक में डीसी ने दिए कई निर्देश

बताते चलें कि डीसी ने बैठक में चिकित्सकों एवं पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर विशेष बल दिया है. डीसी ने ओपीडी, ओपीडी रोस्टर का कड़ाई से अनुपालन, आपातकालीन और प्रसव कक्ष में ड्यूटी के दौरान अनिवार्य हैंडओवर और टेकओवर, इमरजेंसी चिकित्सकों द्वारा नियमित सुबह-शाम राउंड और ड्यूटी के समय निजी प्रैक्टिस पूर्णतः निषिद्ध रखने के निर्देश दिया है. साथ ही डॉक्टरों को ड्रेस कोड और परिचय पत्र के साथ ड्यूटी पर उपस्थित रहने, मासिक प्रतिवेदन उपलब्ध कराने तथा मृत मरीजों के परिजनों हेतु मोक्ष वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

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