मॉडर्न ठगी से बचाएगा राजाओं के युग की मुनादी, साइबर स्पेस में सुरक्षा की नई टेक्निक
माडर्न साइबर जालसाज पुलिस से चार कदम चल रहे थे आगे, प्रशासन ट्रेडिशनल तरीके से मुनादी करा ठगों पर कसेगा शिकंजा.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 6, 2026 at 3:50 PM IST
सागर: मध्य प्रदेश में लगातार कई प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ रही है. धोखाधड़ी के इन तरीकों से हर दिन बड़ी संख्या में लोग ठगे जा रहे हैं. जब तक साइबर पुलिस विशेषज्ञ इस तरीके को समझकर कोई समाधान निकालते हैं, तब तक साइबर जालसाज अपनी धोखाधड़ी का नया तरीका निकाल लेते हैं. अब इन साइबर जालसाजों से बचने पुलिस ने राजा-महाराजाओं के जमाने का तरीका अपनाया है.
मात्र 0.2% की रिकवरी
पिछले साल कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने विधानसभा में साइबर अपराध को लेकर सवाल उठाए, इस प्रश्न के जवाब में गृह विभाग ने कहा कि 1 मई, 2021 और 13 जुलाई 2025 के बीच, राज्य में साइबर धोखाधड़ी से संबंधित मामलों में 1,054 करोड़ की ठगी हुई है. जिनमें से केवल 1.94 करोड़ रुपए ही बरामद किए गए हैं और पीड़ितों को वापस सौंपे गए हैं. जो कुल राशि के 0.2% से भी कम है.
साइबर पुलिस धोखेबाजों का तोड़ निकालने में जुटी
ये सभी साइबर धोखाधड़ी फिशिंग, ओटीपी धोखाधड़ी, नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी, फर्जी ग्राहक सेवा जालसाजी और सोशल मीडिया के माध्यम से हुआ है. इसके अलावा APK फाइलों का उपयोग करके धोखाधड़ी करना आम बात हो गई है. जालसाज शादी के निमंत्रण कार्ड, आरटीओ ई-चालान की प्रतियां या बधाई संदेशों को APK फाइलों के रूप में दिखाकर जालसाजी कर रहे हैं. जिसमें लोगों को 1,054 करोड़ रुपए गंवाने पड़े हैं.
युवा सबसे बड़े शिकार
मध्य प्रदेश में 2020 से 13 जुलाई 2025 के बीच साइबर धोखाधड़ी से संबंधित कुल 1,193 एफआईआर दर्ज की गई हैं, लेकिन इनमें से केवल 585 मामलों में ही चार्जशीट दाखिल की गई है. बाकी 608 मामले जांच के अधीन हैं या खारिज कर दिए गए हैं. युवा इस तरह के अपराधों के सबसे बड़े शिकार बने हुए हैं.
परंपरागत तरीके से साइबर अपराधों पर लगाम
इस तरह के अपराधों का तोड़ निकालने के लिए पुलिस अब परंपरागत तरीका आजमा रही है. सागर पुलिस ने सेफ क्लिक साइबर जागरूकता अभियान शुरू किया है. जिसमें सदियों पुराना तरीका मुनादी करके लोगों को साइबर क्राइम से बचने की जानकारी दी जा रही है. पुलिस मुनादी करके आमजन तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचा रही है, जिससे लोगों में काफी जागरुकता फैल रही है.

आरोपियों पर परंपरागत नकेल की कोशिश
सीहोरा चौकी प्रभारी अभिषेक पटेल ने कहा, "आजकल साइबर ठग फर्जी कॉल, ओटीपी, केवाईसी अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर, सोशल मीडिया लिंक और ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. हम लोगों को जागरुक करते हुए बता रहे हैं कि कोई भी अनजान व्यक्ति से अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें और किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें."
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उन्होंने आगे कहा, "लोगों को साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने और cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करने की जानकारी भी दी गई. साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता है. पुलिस का उद्देश्य हर व्यक्ति सतर्क रहे और साइबर ठगों के झांसे में आने से बचे."

