कूडो में होगा भारत का जलवा, सोहल खान ने मशहूर बीजेजे कोच मिको ह्यतोनेन से सीखी खास टेक्निक
कूडो खिलाड़ी सोहेल खान ले रहे मशहूर बीजेजे कोच मिको ह्यतोनेन से ट्रेनिंग, राजस्थान के जोधपुर में आयोजित किया गया प्रशिक्षण कार्यक्रम.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 4, 2026 at 8:38 AM IST
|Updated : January 4, 2026 at 8:51 AM IST
सागर: मिक्सड मार्शल आर्ट के तौर पर कम समय में दुनिया में एक अलग पहचान बन चुके कूडो खेल में वैश्विक स्तर पर गोल्डन ब्वॉय ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर सोहेल खान को अंतरराष्ट्रीय मैचों में सफलता के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. पिछले कुछ विश्व और अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में सोहेल खान और भारत के दूसरे खिलाड़ी तकनीक और कई मामलों में दूसरे देशों के खिलाड़ियों से पिछड़ जाते हैं. भारत के खिलाड़ियों की वैश्विक सफलता के लिए कूडो इंडिया स्पेशल ट्रेनिंग दिला रहा है.
इसी कड़ी में सोहेल खान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के ब्राजीलियन जिउ-जित्सु (BJJ) और ग्रैपलिंग प्रशिक्षण के लिए विश्वविख्यात कोच मिको ह्यतोनेन के मार्गदर्शन में अभ्यास किया. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम मिको ह्यतोनेन की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा के दौरान जोधपुर में आयोजित किया गया था.
सोहेल खान से कूडो इंडिया को पदक की उम्मीद
कूडो एक तरह से हाइब्रिड कॉम्बैट स्पोर्ट है, जिसमें स्ट्राइकिंग, थ्रो और ग्राउंड फाइटिंग का समावेश होता है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता के लिए ग्रैपलिंग और सबमिशन तकनीकों में दक्षता अनिवार्य है. ऐसे में मिको ह्यतोनेन के साथ प्रशिक्षण को सोहेल खान की वैश्विक प्रतिस्पर्धाओं की तैयारी की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है. मिको ह्यतोनेन को यूरोप के शीर्ष ब्राजीलियन जिउ-जित्सु विशेषज्ञों में गिना जाता है.

वे ADCC चैंपियन सानतेरी लिलियस के शिष्य और आधुनिक ग्रैपलिंग प्रणाली, उच्च-तीव्रता प्रशिक्षण और फुल-कॉन्टैक्ट कॉम्बैट स्पोर्ट्स में BJJ के प्रभावी उपयोग के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाने जाते हैं. उनका पहली बार भारत आना कॉम्बैट स्पोर्ट्स जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, जिससे भारतीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय तकनीकी ज्ञान सीधे प्राप्त होगा.

मिको ह्यतोनेन की ट्रेनिंग बड़ा अवसर
सोहेल खान ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कूडो में किया है. वर्तमान में कूडो इंडिया के हैड कोच हांशी मेहुल वोरा के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण ले रहे हैं. इसके साथ अपने व्यक्तिगत कोच डॉ. मोहम्मद अजाज़ खान की देखरेख में प्रैक्टिस कर रहे हैं. जिनकी भूमिका सोहेल के तकनीकी विकास, शारीरिक फिटनेस और दीर्घकालिक एथलीट प्रबंधन में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है.

सोहेल खान कहते हैं कि "मिको ह्यतोनेन के साथ प्रैक्टिस करना मेरे लिए बड़ा मौका था. ग्रैपलिंग, ट्रांज़िशन और सबमिशन सिस्टम को लेकर उनकी समझ विश्वस्तरीय है. अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में छोटी सी तकनीकी कमियां मैच का परिणाम बदल देती है. ये ट्रैनिंग मुझे कूडो की उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा के लिए मज़बूत बनाएगी. ऐसे अनुभवी कोच से सीधे सीखना खेल को नई ऊंचाई देगा.

सोहेल बताते हैं कि प्रशिक्षण पोजिशनल कंट्रोल, सबमिशन चेन, डिफेंसिव ग्रैपलिंग और कूडो कांपटीशन के फार्मेट के अनुसार BJJ तकनीकों के अनुप्रयोग पर केंद्रित था. ट्रेनिंग का उद्देश्य पारंपरिक ग्रैपलिंग और वास्तविक मुकाबले की परिस्थितियों के बीच की खाई को पाटना है. जिसमें मिको ह्यतोनेन की कोचिंग पद्धति को वैश्विक स्तर पर विशेष मान्यता प्राप्त है."
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क्या कहते हैं जानकार
सोहेल खान के पर्सनल कोच अजाज खान कहते हैं कि "हांशी मेहुल वोरा के नेतृत्व में कूडो इंडिया और BJOI द्वारा की जा रही कोशिश भारतीय कॉम्बैट एथलीट्स के तकनीकी स्तर को लगातार ऊंचा उठाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. मिको ह्यतोनेन की भारत यात्रा से साफ है कि कूडो और ब्राजीलियन जिउ-जित्सु जैसे खेलों में उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय तकनीक के ज्ञान की मांग तेजी से बढ़ रही है.

सोहेल खान के लिए ये प्रशिक्षण भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कोचिंग के समन्वय का अनूठा उदाहरण है, जो भारतीय कूडो खिलाड़ियों को वैश्विक मानकों के अनुसार तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है."

